क्या अटल पेंशन योजना ने वित्त वर्ष 2026 में 8 करोड़ से अधिक एनरोलमेंट किए?

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क्या अटल पेंशन योजना ने वित्त वर्ष 2026 में 8 करोड़ से अधिक एनरोलमेंट किए?

सारांश

अटल पेंशन योजना ने वित्त वर्ष 2026 में 39 लाख नए सदस्यों को जोड़कर 8 करोड़ एनरोलमेंट का आंकड़ा पार कर लिया है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है। जानें इस योजना के बारे में और क्या है इसके लाभ।

मुख्य बातें

अटल पेंशन योजना ने 8 करोड़ एनरोलमेंट का आंकड़ा पार किया।
39 लाख नए सदस्य जुड़े।
यह योजना 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन प्रदान करती है।
आयकरदाता इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।
यह योजना गरीबों और असंगठित श्रमिकों के लिए बनाई गई है।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) । वित्त मंत्रालय के अनुसार, अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने वित्त वर्ष 26 में अब तक 39 लाख नए सदस्यों को जोड़कर कुल 8 करोड़ एनरोलमेंट का आंकड़ा पार कर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

सरकार की इस योजना को 9 मई, 2015 को पेश किया गया था। यह सामाजिक सुरक्षा योजना अपनी शुरुआत के बाद से अपनी 10वीं वर्षगांठ मना रही है।

सभी भारतीयों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एपीवाई एक स्वैच्छिक, अंशदायी पेंशन योजना है, जो गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित है।

वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस नोट में कहा कि एपीवाई की यह सफलता सभी बैंकों, डाक विभाग (डीओपी), अन्य हितधारकों के समर्पित और निरंतर प्रयासों और भारत सरकार के लगातार समर्थन का परिणाम है।

यह योजना पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा संचालित है। पीएफआरडीए ने आउटरीच कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, बहुभाषी हैंडआउट्स, मीडिया अभियानों और नियमित समीक्षाओं के माध्यम से एनरोलमेंट को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है।

अटल पेंशन योजना को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यह 'सम्पूर्ण सुरक्षा कवच' प्रदान करे। योजना से जुड़े व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपए की गारंटीकृत मासिक पेंशन दी जाती है। इसके अतिरिक्त, ग्राहक की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को भी उतनी ही पेंशन सुनिश्चित कर सुरक्षा प्रदान की जाती है।

इसके अलावा, यदि पति और पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो संचित राशि नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाती है।

यह योजना 18-40 वर्ष की आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है। हालांकि, आयकर देने वाले लोग अटल पेंशन योजना के ग्राहक नहीं बन सकते।

योजना में प्रीमियम का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक किया जा सकता है। इसके अलावा, इस योजना के लिए न्यूनतम अंशदान अवधि 20 वर्ष या उससे अधिक हो सकती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल की शुरुआत में, अटल पेंशन योजना का ग्राहक आधार 7.65 करोड़ तक पहुँच गया था और 45,974.67 करोड़ का कुल कोष जुटाया गया। इसके अलावा, कुल ग्राहकों में महिलाओं की संख्या बढ़कर लगभग 48 प्रतिशत हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को भी एक मजबूत सहारा देती है। यह सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह सभी भारतीयों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना चाहती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटल पेंशन योजना क्या है?
अटल पेंशन योजना एक स्वैच्छिक, अंशदायी पेंशन योजना है जो गरीबों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
यह योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, लेकिन आयकरदाता इसे नहीं ले सकते।
क्या इस योजना में पेंशन की राशि निश्चित है?
हाँ, इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद आपको 1,000 से 5,000 रुपए की मासिक पेंशन मिलेगी।
क्या पति और पत्नी दोनों को पेंशन मिलेगी?
जी हाँ, यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो संचित राशि नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाती है।
इस योजना में प्रीमियम का भुगतान कैसे किया जा सकता है?
इस योजना में प्रीमियम का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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