अवंतीपोरा में 18 किलो से अधिक चरस पाउडर जैसा पदार्थ बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अवानपोरा इलाके से 18 किलो 236 ग्राम चरस पाउडर जैसा संदिग्ध पदार्थ बरामद किया है। 30 सितंबर 2026 को अंजाम दी गई इस कार्रवाई में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई का विवरण
पुलिस के अनुसार, नशीले पदार्थ के अवैध रूप से रखे जाने की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद अवानपोरा में तलाशी अभियान चलाया गया। यह अभियान अवंतीपोरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर एबी राशिद और पुलिस पोस्ट टोल प्लाजा के प्रभारी एसआई इश्फाक अहमद की निगरानी में चलाया गया।
तलाशी के दौरान 18 किलो 236 ग्राम चरस पाउडर जैसा संदिग्ध पदार्थ बरामद किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पदार्थ की प्रकृति की पुष्टि जाँच के बाद होगी।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद यूसुफ वानी, पुत्र गुलाम हसन वानी, निवासी अवानपोरा के रूप में हुई है। उन्हें हिरासत में ले लिया गया और अवंतीपोरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद संदिग्ध पदार्थ कहाँ से लाया गया था और इसे किस गंतव्य तक पहुँचाया जाना था। मामले से जुड़े संभावित अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।
व्यापक अभियान: अन्य राज्यों में भी कार्रवाई
यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब देश के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज़ हो रहे हैं। चंडीगढ़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 2019 के एक अंतरराज्यीय पोस्त तस्करी मामले में दो तस्करों को दोषी ठहराए जाने की जानकारी दी है।
पंजाब के होशियारपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने मुजफ्फर अहमद मीर और चरणजीत सिंह चीमा को 11-11 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और दोनों पर ₹2-2 लाख का जुर्माना लगाया। यह मामला जून 2019 में जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाई जा रही 500 किलो पोस्त की खेप की बरामदगी से जुड़ा था, जिसे 20 बोरियों में भरकर एक ट्रक में लदे कबाड़ के नीचे छिपाया गया था।
गौरतलब है कि इस मामले का एक अन्य आरोपी जमानत के बाद फरार हो गया था, जिसे दिसंबर 2025 में अदालत ने घोषित अपराधी करार दिया।
फिरोजाबाद मामले में भी सज़ा
इससे पहले 26 सितंबर को NCB ने बताया था कि उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 2021 में 441 किलो गांजा बरामद होने के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने नौ तस्करों को दोषी ठहराते हुए 10 से 20 साल तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। ये फैसले संकेत देते हैं कि अदालतें नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में कड़ा रुख अपना रही हैं।
पुलिस की अपील और आगे की जाँच
अवंतीपोरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ड्रग्स से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी अधिकारियों के साथ साझा करें और इस अभियान में सहयोग करें।
मौजूदा मामले में जाँच जारी है और अन्य संभावित संदिग्धों एवं आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं।