अनंतनाग पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: गुप्त ठिकाने से 3.9 किलोग्राम चरस बरामद, के-डॉग दस्ते की मदद से भंडाफोड़

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अनंतनाग पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: गुप्त ठिकाने से 3.9 किलोग्राम चरस बरामद, के-डॉग दस्ते की मदद से भंडाफोड़

सारांश

अनंतनाग पुलिस ने 4 मई को शितिपोरा में आरोपी अब्दुल राशिद भट के आवासीय परिसर में छापा मारकर 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद किया। अदालती वारंट और के-डॉग दस्ते की मदद से की गई यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की एक और बड़ी कड़ी है।

मुख्य बातें

अनंतनाग पुलिस ने 4 मई 2026 को शितिपोरा में गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ किया।
आरोपी अब्दुल राशिद भट के आवासीय परिसर से लगभग 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद।
तलाशी जेएमआईसी बिजबेहरा की अदालत से प्राप्त वारंट के आधार पर, बीएनएसएस धारा 41 के तहत की गई।
विशेष के-डॉग दस्ते को अभियान में तैनात किया गया, जिसने तलाशी में अहम भूमिका निभाई।
बरामद पदार्थ को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया; आगे की जांच जारी।

अनंतनाग पुलिस ने 4 मई 2026 को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान में शितिपोरा स्थित एक गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद किया। यह कार्रवाई श्रीगुफवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान अंजाम दी गई।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 41 के अंतर्गत जेएमआईसी बिजबेहरा की अदालत से विधिवत तलाशी वारंट प्राप्त किया। वारंट आरोपी अब्दुल राशिद भट पुत्र असदुल्ला भट, निवासी शितिपोरा, के आवासीय परिसर की तलाशी के लिए जारी किया गया था। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही तलाशी अभियान शुरू किया गया।

गुप्त ठिकाने का पर्दाफाश

तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने परिसर में कथित तौर पर नशीले पदार्थों के भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक छिपे हुए ठिकाने का पता लगाया और उसे ध्वस्त कर दिया। गहन तलाशी के बाद वहाँ से लगभग 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जब्त कर लिया गया। बरामद प्रतिबंधित पदार्थ को मामले में साक्ष्य के रूप में हिरासत में ले लिया गया है।

के-डॉग दस्ते की भूमिका

अभियान को पेशेवर और वैज्ञानिक ढंग से संचालित करने के लिए के-डॉग दस्ते को भी तैनात किया गया। इस विशेष दस्ते ने जांच टीम की पूरी सहायता की और तलाशी को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार सक्रिय हैं।

पुलिस की अपील

अनंतनाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह मादक पदार्थों के खतरे को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी या किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस के साथ साझा करें, ताकि एक सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण हो सके। आगे की जांच जारी है और मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

के-डॉग दस्ता और मौके पर ही जब्ती — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये छापे आपूर्ति श्रृंखला की जड़ तक पहुँच रहे हैं या केवल अंतिम कड़ी को तोड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी बरामदगियाँ बढ़ी हैं, फिर भी तस्करी के नेटवर्क बरकरार हैं — यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत गिरफ्तारियों से आगे जाकर संगठित तंत्र को तोड़ने की ज़रूरत है। जनता की सक्रिय भागीदारी और खुफिया तंत्र को मज़बूत किए बिना केवल छापों से दीर्घकालिक परिणाम सीमित रहेंगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग में चरस बरामदगी की यह कार्रवाई कब और कहाँ हुई?
यह कार्रवाई 4 मई 2026 को अनंतनाग जिले के शितिपोरा में आरोपी अब्दुल राशिद भट के आवासीय परिसर में की गई। श्रीगुफवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान यह अभियान चलाया गया।
कितनी मात्रा में चरस बरामद हुई और इसे कैसे जब्त किया गया?
पुलिस ने लगभग 3.9 किलोग्राम चरस जैसा पदार्थ बरामद किया। इसे मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जब्त कर मामले में साक्ष्य के रूप में हिरासत में लिया गया।
के-डॉग दस्ता क्या होता है और इस अभियान में इसकी क्या भूमिका थी?
के-डॉग दस्ता एक विशेष प्रशिक्षित श्वान दल होता है जिसे नशीले पदार्थों और विस्फोटकों की तलाश में इस्तेमाल किया जाता है। इस अभियान में इसे वैज्ञानिक और पेशेवर तलाशी सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया था।
तलाशी के लिए कानूनी अनुमति कैसे ली गई?
पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 41 के तहत जेएमआईसी बिजबेहरा की अदालत से विधिवत तलाशी वारंट प्राप्त किया, जिसके बाद ही आरोपी के आवासीय परिसर की तलाशी ली गई।
अनंतनाग में नशे के खिलाफ पुलिस की क्या रणनीति है?
अनंतनाग पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निरंतर अभियान चला रही है और आम जनता से सूचना साझा करने की अपील कर रही है। पुलिस का लक्ष्य एक सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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