क्या अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से परेशान होकर अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने सीएम योगी का समर्थन करते हुए इस्तीफा दिया?

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क्या अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से परेशान होकर अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने सीएम योगी का समर्थन करते हुए इस्तीफा दिया?

सारांश

अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के विवादास्पद बयानों के खिलाफ सीएम योगी का समर्थन करते हुए इस्तीफा दिया। यह घटना प्रशासन और धार्मिक नेताओं के बीच बढ़ते विवाद को दर्शाती है। जानिए इस इस्तीफे के पीछे के कारण।

Key Takeaways

  • प्रशांत कुमार सिंह ने सीएम योगी का समर्थन करते हुए इस्तीफा दिया।
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों ने विवाद को जन्म दिया।
  • प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया।
  • यह घटना धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों का संकेत देती है।
  • बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का भी इस्तीफा हुआ था।

अयोध्या, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया गया है।

इस्तीफे के समय, प्रशांत कुमार सिंह अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत करते हुए भावुक हो गए और कहा कि उन्होंने सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया।

यह कदम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के उस बयान के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मौनी अमावस्या के दिन उन्हें और उनके अनुयायियों को संगम घाट पर पवित्र स्नान करने से रोका गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान प्रशासन ने उनके अनुयायियों के साथ बुरा व्यवहार किया।

हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रथ पर सवार होकर संगम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन भगदड़ के खतरे के कारण उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ किए गए अपमानजनक बयानों से उन्हें गहरा दुख हुआ।

उन्होंने कहा, 'मैं अयोध्या में डिप्टी कमिश्नर हूं और मैं सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और इस देश के संविधान के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखता हूं।' उन्होंने अपने इस्तीफे में यह भी कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के 'अनर्गल बयानों' से वह प्रभावित हैं।'

प्रशांत कुमार सिंह ने अपनी बात को समाप्त करते हुए कहा, 'मैं संवेदनशील व्यक्ति हूं और निश्चित रूप से विरोध करूंगा, लेकिन संवैधानिक दायरे में।'

यह इस्तीफा पिछले दो दिनों में किसी वरिष्ठ अधिकारी का दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था।

Point of View

बल्कि यह एक गहरी राजनीतिक बहस को भी जन्म देता है। एक तरफ जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों ने विवाद पैदा किया है, वहीं प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। यह घटना बताती है कि अयोध्या में धार्मिक और प्रशासनिक मुद्दे किस प्रकार एक-दूसरे से जुड़े हैं।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवादास्पद बयानों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दिया।
क्या प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों को स्वीकार किया?
नहीं, प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आरोपों को खारिज किया है।
इस इस्तीफे का क्या राजनीतिक प्रभाव हो सकता है?
यह इस्तीफा धार्मिक और राजनीतिक विवादों को और बढ़ा सकता है, जिससे अयोध्या में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
क्या यह पहला इस्तीफा है?
नहीं, यह पिछले दो दिनों में किसी वरिष्ठ अधिकारी का दूसरा इस्तीफा है।
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों से वह बहुत दुखी हैं और उन्होंने सरकार और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
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