क्या अयोध्या के संत धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में आए हैं? हिंदुओं को जागरूक होने की आवश्यकता है
सारांश
Key Takeaways
- धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन किया गया।
- हिंदुओं को जागरूक होने की आवश्यकता है।
- धार्मिक एकता की महत्वपूर्णता को बताया गया।
अयोध्या, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या के संतों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि हिंदुओं को जागरूक होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, जो भारत की संप्रभुता को खतरे में डाल सके।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान 'जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन हिंदू नहीं बचेगा' पर महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कहा, "उन्होंने हिंदुओं को एकजुट होने के लिए प्रेरित किया है। हिंदू समाज आपस में बिखर रहा है और भाई-भाई के बीच दुश्मनी बढ़ रही है, साधु समाज में भी एकता का अभाव है।"
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, "यदि हिंदू जागरूक नहीं होंगे तो वे बिखर जाएंगे। मुस्लिम देशों में हिंदुओं की जनसंख्या बहुत कम है और यह लगातार घट रही है। वहाँ हिंदुओं को मारा जा रहा है।"
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशाचार्य महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान की सराहना करते हुए कहा कि सभी हिंदुओं को संगठित होना पड़ेगा, तभी भविष्य में हिंदू सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में ओवैसी ने मुसलमानों को भड़काने का प्रयास किया। हिंदुओं के विरोध में यह बात कही गई कि हमारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मुस्लिम होना चाहिए। आज वह 25 प्रतिशत होने पर यह मांग कर रहे हैं, यदि कल वह 30-40 प्रतिशत हो गए तो न हम बचेंगे, न हमारी बहन-बेटियाँ और न ही हमारा धर्म।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा कि संतों की दूरदृष्टि होती है। हमारे देश में कट्टरपंथी जिहादियों द्वारा सनातन संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। निश्चित रूप से जिस दिन तिरंगे में चांद का स्वरूप आएगा, उस दिन हिंदू बचने वाला नहीं है।
बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "जिस तरह से पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है, यह किसी से छिपा नहीं है। यह घटना भारत में भी घट सकती है। इसलिए सभी लोगों का संगठित होकर चेतना जरूरी है।"
आर्य संत वरुण दास वेदांती जी महाराज ने कहा कि हिंदू को जागरूक होना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की कोई स्थिति न आए जिससे भारत की संप्रभुता खतरे में पड़े। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज सोया हुआ है, लेकिन वह शेर की तरह है। उसकी दहाड़ से विधर्मियों का नाश होगा। इसलिए तिरंगे पर चांद आने का सवाल ही नहीं है।