क्या आजम खान का सवाल है कि जब विपक्ष चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है तो भाजपा क्यों जवाब दे रही है?

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क्या आजम खान का सवाल है कि जब विपक्ष चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है तो भाजपा क्यों जवाब दे रही है?

सारांश

आजम खान ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है, तो बीजेपी जवाब क्यों दे रही है। क्या चुनाव आयोग वास्तव में निष्पक्ष है?

Key Takeaways

  • बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच संबंधों की जांच आवश्यक है।
  • चुनाव आयोग की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
  • अल्पसंख्यक विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है।

लखनऊ, 19 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आजम खान ने शुक्रवार को बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी नेताओं की लगातार आ रही प्रतिक्रिया समझ से परे है। आजम खान ने प्रश्न उठाया कि जब विपक्ष आरोप चुनाव आयोग पर लगा रहा है तो बीजेपी क्यों जवाब दे रही है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान आजम खान ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं, वे पूरी तरह से तथ्यों और चुनाव आयोग के ही डाटा पर आधारित थीं। ऐसे में आयोग को सबसे पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी, फिर राहुल गांधी से सवाल करना चाहिए था, लेकिन आयोग अपनी भूमिका से हटकर बीजेपी का एजेंट बनता दिखाई दे रहा है।

आजम खान ने कहा कि राहुल गांधी ने जितने आरोप लगाए वे सभी चुनाव आयोग पर थे, मगर बीजेपी प्रवक्ता सामने आकर आयोग का बचाव कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग का काम है कि वह निष्पक्ष होकर जांच करे और तथ्यों का तथ्यों से जवाब दे, लेकिन हकीकत यह है कि आयोग केवल शायरियों और औपचारिक बयानों तक सीमित रह गया है, जबकि बीजेपी उसकी तरफ से बचाव कर रही है।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष लोगों को भड़काने का नहीं, बल्कि जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। आज भारत में लोकतंत्र की हत्या चुनाव के माध्यम से हो रही है। जिस तरह से वोट चोरी और वोट की डकैती के मामले सामने आ रहे हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मिलकीपुर, कुंदरकी और मीरापुर का जिक्र किया, जहां पिस्टल के बल पर वोट लूटने की घटनाएं हुईं।

आजम खान ने कहा कि इन सब मुद्दों पर चुनाव आयोग चुप है और कोई ठोस जवाब नहीं दे रहा। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दाखिल किए गए 18,000 शपथ पत्रों पर भी आयोग ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दूसरी ओर, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हर धार्मिक स्थल पर राष्ट्रगीत गाने से जुड़े बयान पर आजम खान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत संविधान से चलेगा, न कि किसी शास्त्र, मनुस्मृति या आरएसएस की विचारधारा से। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सबका है और सबको लेकर ही आगे बढ़ सकता है। चाहे मुसलमान हों, सिख, ईसाई या बौद्ध, सब भारत के संविधान में आस्था रखते हैं और उसी से उनकी सुरक्षा होती है।

आजम खान ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और उससे जुड़े विचारक चाहते हैं कि अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति दलितों जैसी बना दी जाए। उन्होंने कहा कि भारत का विकास अल्पसंख्यकों के विकास के बिना संभव ही नहीं है। यदि बीजेपी वास्तव में विकसित भारत का सपना देखती है तो उसे यह समझना होगा कि बड़ी मुस्लिम आबादी के विकास के बिना भारत कभी विकसित नहीं हो सकता।

Point of View

हम यह मानते हैं कि चुनाव आयोग की भूमिका का न केवल चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान है, बल्कि उसकी निष्पक्षता भी लोकतंत्र की बुनियाद है। जब आरोप लगते हैं, तो आयोग को स्वतंत्रता से जांच करनी चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन आयोग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

आजम खान ने बीजेपी पर क्या आरोप लगाया?
आजम खान ने कहा कि बीजेपी चुनाव आयोग का बचाव कर रही है जबकि विपक्ष आयोग पर आरोप लगा रहा है।
राहुल गांधी के आरोपों का क्या महत्व है?
राहुल गांधी के आरोप चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर हैं, जो गंभीर मुद्दा है।
चुनाव आयोग की भूमिका क्या होनी चाहिए?
चुनाव आयोग को निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए और सभी पक्षों के आरोपों का सही तरीके से उत्तर देना चाहिए।
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