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क्या बच्चों को समय पर वैक्सीनेट कराना जरूरी है? वर्किंग पेरेंट्स कैसे करें मैनेज?

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क्या बच्चों को समय पर वैक्सीनेट कराना जरूरी है? वर्किंग पेरेंट्स कैसे करें मैनेज?

सारांश

बच्चों का वैक्सीनेशन उनके स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। जानें, वर्किंग पेरेंट्स कैसे अपने बच्चों को समय पर वैक्सीनेट कर सकते हैं। डॉक्टर अंकित ओम के सुझावों के साथ, यह जानना महत्वपूर्ण है कि वैक्सीनेशन से बच्चों को अनेक जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है।

मुख्य बातें

बच्चों का समय पर वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है।
वर्किंग पेरेंट्स को अपने शेड्यूल के अनुसार वैक्सीनेशन का प्रबंधन करना चाहिए।
वैक्सीनेशन से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
हल्के साइड इफेक्ट्स सामान्य हैं और कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं।
वैक्सीनेशन से संबंधित मिथकों को नजरअंदाज करें।

नई दिल्ली, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बच्चों का वैक्सीनेशन उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है। यह उन्हें कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों जैसे पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, टेटनेस, हेपेटाइटिस और टीबी से सुरक्षित रखता है। कई बार वर्किंग पेरेंट्स अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर उचित ध्यान नहीं दे पाते, जिससे भविष्य में बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता उनके मन में घर कर जाती है। इसी संदर्भ में, डॉक्टर अंकित ओम ने कुछ सुझाव साझा किए हैं।

डॉक्टर अंकित ओम ने राष्ट्र प्रेस से साझा किया कि कैसे वर्किंग पेरेंट्स बच्चों का वैक्सीनेशन करवाने के लिए समय निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा, "वर्किंग पेरेंट्स पार्ट टाइम या फ्री समय में नजदीकी क्लीनिक, हॉस्पिटल या वैक्सीनेशन इंस्टीट्यूट जाकर बच्चे के वैक्सीनेशन के लिए अपने शेड्यूल के अनुसार अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, और वहां के कम्यूनिकेटर से बातचीत करके छुट्टी लेकर बच्चे का वैक्सीनेशन करवा सकते हैं।"

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, वैक्सीनेशन के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साप्ताहिक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। प्रत्येक सत्र से पहले, क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों को टीकाकरण सत्र के स्थान की जानकारी देती हैं और बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करती हैं। देश में टीकाकरण कवरेज को अधिकतम करने के लिए, सूचना शिक्षा और संवाद (आईईसी) गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। आईईसी का प्रसार दूरदर्शन जैसे सेवा प्रसारकों, मीडिया हस्तियों, रेडियो जिंगल और यूट्यूब पॉडकास्ट का उपयोग करके किया जाता है।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि बच्चों का समय पर वैक्सीनेशन बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और महामारी को रोकने में मदद करता है। वर्किंग पेरेंट्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गलती से भी वैक्सीन छूटे नहीं। यदि ऐसा हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हालांकि, वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी होते हैं। इनके हल्के साइड इफेक्ट्स, जैसे कि इंजेक्शन की जगह पर हल्का दर्द या बुखार, हो सकते हैं, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। बच्चों का समय पर वैक्सीनेशन कराना एक जिम्मेदार माता-पिता का कर्तव्य है, जो उन्हें एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य प्रदान करता है। वैक्सीनेशन से संबंधित मिथकों को नजरअंदाज करें और चिकित्सक की सलाह लें। यह बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में भी एक सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद करता है। यह जिम्मेदारी केवल माता-पिता की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बच्चों का वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है?
बच्चों का वैक्सीनेशन उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
वर्किंग पेरेंट्स कैसे वैक्सीनेशन का प्रबंधन करें?
वर्किंग पेरेंट्स अपने फ्री समय में नजदीकी क्लीनिक से अपॉइंटमेंट लेकर वैक्सीनेशन करवा सकते हैं।
क्या वैक्सीन सुरक्षित हैं?
हां, वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी होते हैं।
अगर वैक्सीन छूट जाए तो क्या करें?
यदि गलती से वैक्सीन छूट जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चों के वैक्सीनेशन से जुड़े मिथक क्या हैं?
वैक्सीनेशन से जुड़े मिथक को नजरअंदाज करें और हमेशा चिकित्सक की सलाह लें।
राष्ट्र प्रेस
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