बेमौसम बारिश ने किसानों को संकट में डाला, गेहूं की फसल को भारी नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- बेमौसम बारिश ने किसानों के लिए संकट खड़ा कर दिया है।
- गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है।
- किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
- जलभराव की स्थिति ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
- किसानों को आपस में सहयोग की आवश्यकता है।
चंडीगढ़/अमेठी, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। विशेष रूप से रबी की प्रमुख फसल गेहूं को गंभीर नुकसान की संभावना व्यक्त की जा रही है।
पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर के खरड़ क्षेत्र में स्थिति अत्यंत दयनीय है। यहां लगातार हो रही बारिश ने फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। एक किसान ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि उसकी १० से १२ एकड़ भूमि प्रभावित हुई है और यदि अगले २ से ४ दिनों तक बारिश जारी रही, तो नुकसान और बढ़ सकता है। खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
वहीं, संगरूर के एक किसान ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण लगभग ७० प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भूमि किराए पर ली है, उनके लिए यह स्थिति और भी कठिन है, क्योंकि उन्हें भूमि का किराया भी चुकाना पड़ता है। फसल के बर्बाद होने से नुकसान और बढ़ गया है और किसानों पर कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
बरनाला में भी ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों को संकट में डाल दिया है। किसान हरदीप सिंह ने कहा, "यह बहुत बड़ा नुकसान है।" वहीं, किसान लखबीर सिंह ने भी कहा कि फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है और स्थिति चिंताजनक है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचाई है। यहां खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं और कटाई के बाद की फसल भी पानी में भीगकर खराब हो गई है। एक किसान ने बताया, "मेरी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, और सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है।"
एक अन्य किसान ने कहा कि नुकसान बहुत अधिक है, सारी फसलें पानी में गिरकर खराब हो गई हैं। उन्होंने सरकार से सहायता की अपील की है, कहते हुए कि यदि सरकार से कुछ मदद मिल जाए, तो किसानों को राहत मिल सकती है।