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बेंगलुरु: वकील मंजूनाथ की घर के दरवाज़े पर गोली मारकर हत्या, किराएदार-संपत्ति विवाद की जाँच

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बेंगलुरु: वकील मंजूनाथ की घर के दरवाज़े पर गोली मारकर हत्या, किराएदार-संपत्ति विवाद की जाँच

सारांश

बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में वकील मंजूनाथ की उनके दरवाज़े पर गोली मारकर हत्या। किराएदारों से विवाद, बड़ी संपत्ति और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग — तीन कोणों से जाँच जारी। चार विशेष पुलिस टीमें हमलावरों की तलाश में।

मुख्य बातें

वकील मंजूनाथ की रविवार रात 11:30 बजे पट्टनडुरू अग्रहारा, व्हाइटफील्ड, बेंगलुरु स्थित उनके घर के दरवाज़े पर माथे में गोली मारकर हत्या की गई।
दो अज्ञात हमलावर बाइक पर आए; पुलिस को उनके बिहार से होने का संदेह, पुष्टि अभी शेष।
मंजूनाथ के पास व्हाइटफील्ड में कई एकड़ ज़मीन और 100 से अधिक किराये के शेड थे; संपत्ति विवाद प्रमुख कोण।
पुलिस संपत्ति विवाद, निजी दुश्मनी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग — तीनों पहलुओं की जाँच कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं।

बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड थाना क्षेत्र में वकील मंजूनाथ की उनके आवास पर रविवार रात 11:30 बजे दो अज्ञात हमलावरों ने बेहद करीब से माथे पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना पट्टनडुरू अग्रहारा, व्हाइटफील्ड स्थित मंजूनाथ के घर पर उस वक्त हुई जब वे घर के अंदर पैसे गिन रहे थे।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

शुरुआती जाँच में सामने आया है कि दो युवक किसी बात पर चर्चा करने का बहाना बनाकर मंजूनाथ के घर पहुँचे। जैसे ही मंजूनाथ ने दरवाज़ा खोला और बाहर आए, एक हमलावर ने उनके माथे पर बेहद करीब से गोली दाग दी। इसके तुरंत बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मंजूनाथ की वहीं मौत हो गई।

संदिग्ध और संभावित मकसद

व्हाइटफील्ड पुलिस का प्रारंभिक संदेह है कि हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और वारदात के बाद फरार हुए। पुलिस के अनुसार, हमलावरों के बिहार से होने का संदेह है, हालाँकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि संपत्ति विवाद, निजी दुश्मनी या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग — तीनों पहलुओं की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि मृतक मंजूनाथ के पास व्हाइटफील्ड में कई एकड़ ज़मीन थी और उन्होंने अपनी संपत्ति पर 100 से अधिक शेड बनाकर किराएदारों को दे रखे थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि रविवार रात किराए को लेकर मंजूनाथ और किराएदारों के बीच हुआ झगड़ा इस हमले की तात्कालिक वजह हो सकती है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही व्हाइटफील्ड पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। अभियुक्तों की गिरफ्तारी और संभावित साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ उन लोगों से पूछताछ कर रही है जिन्हें विवाद या संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी हो सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु में टेक्नोलॉजी हब क्षेत्रों में ज़मीन की कीमतों में तेज़ उछाल के बाद संपत्ति-संबंधी विवादों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्हाइटफील्ड, जो आईटी उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है, वहाँ ज़मीन के बड़े टुकड़ों का व्यावसायिक महत्त्व काफी बढ़ा है।

आगे क्या होगा

पुलिस मंजूनाथ के किराएदारों, संपत्ति विवाद में शामिल पक्षों और हमलावरों की गोलीबारी से पहले तथा बाद की गतिविधियों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह एक सुनियोजित हत्या थी या किराए के झगड़े में अचानक हुई वारदात। विशेष टीमें आरोपियों की जल्द-से-जल्द गिरफ्तारी के प्रयास में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जाँच यह है कि किराएदार-मकान मालिक विवाद एक सुनियोजित हत्या में कैसे बदला — और क्या इसमें बाहरी तत्वों की भर्ती की गई। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, यह मामला बेंगलुरु की संपत्ति अर्थव्यवस्था के अँधेरे पहलू की याद दिलाता रहेगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में वकील मंजूनाथ की हत्या कब और कहाँ हुई?
वकील मंजूनाथ की हत्या रविवार, 19 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड स्थित पट्टनडुरू अग्रहारा में उनके घर के दरवाज़े पर हुई। दो अज्ञात हमलावरों ने उनके माथे पर बेहद करीब से गोली दाग दी।
मंजूनाथ की हत्या का संभावित कारण क्या है?
पुलिस तीन कोणों से जाँच कर रही है — किराएदारों से संपत्ति विवाद, निजी दुश्मनी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग। रविवार रात किराए को लेकर हुआ झगड़ा तात्कालिक वजह हो सकती है, जबकि मंजूनाथ की व्हाइटफील्ड में बड़ी संपत्ति भी जाँच के केंद्र में है।
हमलावर कौन हैं और पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
हमलावरों की पहचान अभी नहीं हुई है; पुलिस को संदेह है कि वे बिहार से हैं और बाइक पर आए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं जो फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने और संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल में जुटी हैं।
मंजूनाथ के पास कितनी संपत्ति थी?
जाँचकर्ताओं के अनुसार, मंजूनाथ के पास व्हाइटफील्ड में कई एकड़ ज़मीन थी और उन्होंने अपनी संपत्ति पर 100 से अधिक शेड बनाए थे जो किराएदारों को दिए हुए थे। यह बड़ी संपत्ति और उससे जुड़े किराये के विवाद इस मामले में अहम कड़ी मानी जा रही है।
क्या यह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग हो सकती है?
पुलिस इस संभावना से इनकार नहीं कर रही है। शुरुआती जाँच के अनुसार, हमलावरों का बाहर से आना और सुनियोजित तरीके से वारदात करना कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की ओर संकेत करता है। इसकी पुष्टि के लिए जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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