पंजाब में बिजली संकट नहीं आएगा: भगवंत मान की मनोहर लाल से मुलाकात, केंद्र ने कोयला-बिजली आपूर्ति का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं होगी क्योंकि केंद्र सरकार ने बिजली एवं कोयले की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दे दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब इस साल केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल की आपूर्ति कर रहा है, और इस योगदान को बनाए रखने के लिए राज्य को निरंतर बिजली मिलना अनिवार्य है।
बैठक में क्या हुई चर्चा
मुख्यमंत्री मान ने बैठक के बाद कहा, 'केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के साथ पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) से जुड़े कई अहम मुद्दों — विशेष रूप से कोयले की आपूर्ति और बिजली उत्पादन — पर सार्थक चर्चा हुई।' उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने पंजाब की लगभग सभी माँगें स्वीकार कर लीं और बिजली तथा कोयले की पर्याप्त एवं निरंतर आपूर्ति का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कोयले की अनवरत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के संपर्क में है और पचवारा कोयला खदानों से आपूर्ति बहाल रखने पर जोर दिया जा रहा है।
जलविद्युत परियोजनाएँ और एनजीटी नोटिस
मुख्यमंत्री मान ने शाहपुर कंडी बांध और रंजीत सागर बांध परियोजनाओं को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के बार-बार जारी होने वाले नोटिसों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगभग हर वर्ष चल रही परियोजनाओं पर नोटिस मिलते हैं, जो अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करते हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को इन दोनों बांध परियोजनाओं का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश के कुल जलविद्युत उत्पादन में पंजाब का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है, और इन परियोजनाओं का सुचारू संचालन राज्य तथा देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
विदेश यात्रा अनुमति पर विवाद
मुख्यमंत्री मान ने इस अवसर पर यह भी बताया कि उन्हें पेरिस में आयोजित एक फूड फेस्टिवल के लिए फ्रांसीसी सरकार का आमंत्रण मिला है, जहाँ मार्कफेड पंजाब का स्टॉल लगा रहा है। इसके अतिरिक्त उन्हें जापान में महिला और पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल और फाइनल मैचों के लिए भी तीन दिनों हेतु आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने इन यात्राओं के लिए अनुमति न मिलने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री को राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए ऐसी यात्राएँ करने की अनुमति मिलनी चाहिए। मान ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाया है और उन्हें उम्मीद है कि शुक्रवार तक अनुमति मिल जाएगी।
बरगारी-बहबल कलां और मानसा की घटनाएँ
बरगारी और बहबल कलां मामलों पर पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ये घटनाएँ पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुई थीं और बाद की कांग्रेस सरकार ने इन मामलों को इतना कमज़ोर कर दिया कि अब इन्हें नए सिरे से तैयार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नए गवाहों को सामने लाया जाएगा और नई रणनीति के साथ चालान पेश किए जाएँगे।
मानसा की दुखद घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और साजिश में शामिल किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस त्रासदी का 'राजनीतिक इस्तेमाल' करने का आरोप भी लगाया।
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब रबी सीजन से पहले पंजाब के किसानों को निर्बाध बिजली की सबसे अधिक जरूरत होती है।