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क्या अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत जी20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा?: मूडीज

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क्या अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत जी20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा?: मूडीज

सारांश

भारत 2027 तक जी20 देशों में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा, भले ही अमेरिकी टैरिफ लगे हों। मूडीज की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भारत की विकास दर मजबूत घरेलू मांग और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश द्वारा संचालित हो रही है। जानिए इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

भारत की विकास दर 2027 तक 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
अमेरिकी टैरिफ के बावजूद निर्यात में वृद्धि हो रही है।
आरबीआई की नीतियों ने विकास को स्थिर रखा है।
घरेलू मांग विकास का मुख्य इंजन बनी हुई है।
वैश्विक विकास दर स्थिर लेकिन धीमी रहने का अनुमान है।

नई दिल्ली, 13 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद, भारत 2027 तक 6.5 प्रतिशत की विकास दर के साथ जी20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। यह जानकारी रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा दी गई।

मूडीज ने अपनी 'ग्लोबल मैक्रो आउटलुक रिपोर्ट 2026-27' में बताया कि भारत की विकास दर मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, मजबूत घरेलू मांग, और निर्यात विविधता से संचालित हो रही है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया, "भारतीय निर्यातक कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का सामना कर रहे हैं और अपने निर्यात को दूसरे देशों में रिडायरेक्ट करने में सफल हुए हैं, जिससे सितंबर में देश के कुल निर्यात में 6.75 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि, अमेरिका को निर्यात में 11.9 प्रतिशत की गिरावट हुई है।"

रिपोर्ट में कहा गया कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी ने देश को विकास के स्थिर रास्ते पर रखा है। आरबीआई ने अक्टूबर में अपनी रेपो दर को स्थिर रखा, जिससे पता चलता है कि वह मुद्रास्फीति कम होने और विकास मजबूत होने के साथ नीति को लेकर सतर्क है।

मौजूदा रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सकारात्मक निवेशक भावना से प्रेरित मजबूत अंतर्राष्ट्रीय पूंजी प्रवाह ने बाहरी झटकों को कम करने और तरलता बनाए रखने में मदद की है।

हालांकि, घरेलू मांग विकास का प्राथमिक इंजन बनी हुई है, लेकिन निजी क्षेत्र को अभी भी बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निवेश के लिए पूरी तरह से विश्वास हासिल करना बाकी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विकास स्थिर लेकिन धीमा रहेगा, क्योंकि एडवांस अर्थव्यवस्थाएं मामूली रूप से बढ़ रही हैं और अधिकतर उभरते बाजार मजबूत गति बनाए रखेंगे।

रिपोर्ट में 2026 और 2027 में वैश्विक विकास दर लगभग 2.5 से 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर लेकिन असमान विस्तार को दर्शाता है।

एडवांस अर्थव्यवस्थाओं में लगभग 1.5 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है, जबकि उभरते बाजारों में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में धीमी लेकिन स्थिर गति देखी जा रही है, जिसे मामूली उपभोक्ता खर्च और एआई-संबंधित निवेश से समर्थन मिल रहा है।

इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया कि चीन की विकास दर 2025 में 5 प्रतिशत से घटकर 2027 तक 4.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और निर्यात में विविधता इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाएगी। इस समय, घरेलू मांग और निवेशक की भावना इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की विकास दर क्या है?
भारत की विकास दर 2027 तक 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
अमेरिकी टैरिफ का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा है?
अमेरिकी टैरिफ के बावजूद, भारत ने अपने निर्यात को अन्य देशों में रिडायरेक्ट किया है।
क्या आरबीआई की नीतियों से विकास प्रभावित हुआ है?
हां, आरबीआई की नीतियों ने विकास को स्थिर बनाए रखा है।
भारत की घरेलू मांग का क्या महत्व है?
घरेलू मांग विकास का प्राथमिक इंजन बनी हुई है।
वैश्विक विकास दर का अनुमान क्या है?
वैश्विक विकास दर लगभग 2.5 से 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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