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क्या भारत सबसे बड़े ऑफशोर एनर्जी प्रयासों के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिए तैयार है?

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क्या भारत सबसे बड़े ऑफशोर एनर्जी प्रयासों के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के लिए तैयार है?

सारांश

भारत अब ऑफशोर एनर्जी एक्सप्लोरेशन में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन की घोषणा की है। यह एक नई ऊर्जा क्रांति की शुरुआत हो सकती है, जो देश की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाएगी।

मुख्य बातें

भारत का ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करेगा।
हरदीप सिंह पुरी का नेतृत्व भारत की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
ओएएलपी के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन किया जाएगा।
वैश्विक और घरेलू कंपनियों का ध्यान भारत की ऊर्जा क्षेत्र पर है।
17 जुलाई को 'ऊर्जा वार्ता 2025' में महत्वपूर्ण चर्चाएँ होंगी।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर एनर्जी एक्सप्लोरेशन प्रयासों में से एक के रूप में, भारत ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (ओएएलपी) के दसवें चरण के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन करने के लिए तैयार है।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हम ऊर्जा के एक नए युग में प्रवेश करने के लिए तत्पर हैं! ऑयल और गैस एक्सप्लोरेशन तथा उत्पादन के क्षेत्र में अब कोई बाधा नहीं, केवल संभावनाएं हैं।"

इस संदर्भ में, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने नॉर्वे के बर्गेन में ऑफशोर एनर्जी क्लस्टर की एक बैठक में भाग लिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'नो गो' क्षेत्र पर लिया गया साहसिक निर्णय न केवल देश की ऊर्जा क्षमता को बढ़ा रहा है, बल्कि भारत को ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार कर रहा है।"

केंद्रीय मंत्री पुरी ने बीडब्ल्यू-एलपीजी के सीईओ क्रिस्टियन सोरेनसेन से भी मुलाकात की। यह एलपीजी वेसल की दुनिया की अग्रणी ऑनर और ऑपरेटर कंपनी है, जिसके पास 40 लाख सीबीएम से अधिक की कुल वहन क्षमता वाले वेरी लार्ज गैस कैरियर (वीएलजीसी) हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, "यह कंपनी एलपीजी शिपिंग में अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो भारत में एलपीजी आयात का 20 प्रतिशत हिस्सा है। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में हुई हमारी बैठक में, हमने बीडब्ल्यू-एलपीजी और भारतीय ऊर्जा कंपनियों के बीच सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।"

इस बीच, ओएएलपी के तहत पेश किए जा रहे तेल और गैस ब्लॉकों ने पहले ही वैश्विक और घरेलू ऊर्जा कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया है और दसवें दौर से भागीदारी और निवेश के लिए नए मानक स्थापित होने की उम्मीद है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल और गैस क्षेत्र को गति देने के देश के फोकस के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियमों के ड्राफ्ट, मॉडल रेवेन्यू शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (एमआरएससी) और पेट्रोलियम लीज पर 17 जुलाई, 2025 से पहले प्रतिक्रिया और सुझाव आमंत्रित किए हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी 17 जुलाई को भारत मंडपम में आयोजित 'ऊर्जा वार्ता 2025' में मंत्रियों, अधिकारियों और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि हम एक नई ऊर्जा क्रांति के कगार पर हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम क्या है?
यह एक कार्यक्रम है जिसके तहत भारत में एनर्जी एक्सप्लोरेशन के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं।
ओएएलपी के तहत कितने क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन किया जाएगा?
ओएएलपी के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कौन सी बैठक में भाग लिया?
उन्होंने नॉर्वे के बर्गेन में ऑफशोर एनर्जी क्लस्टर की बैठक में भाग लिया।
बीडब्ल्यू-एलपीजी कंपनी क्या है?
यह एलपीजी वेसल की दुनिया की अग्रणी ऑनर और ऑपरेटर कंपनी है।
भारत मंडपम में कौन सी वार्ता आयोजित की जाएगी?
17 जुलाई को 'ऊर्जा वार्ता 2025' आयोजित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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