क्या भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत बनी हुई है?

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क्या भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत बनी हुई है?

सारांश

क्या भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत बनी हुई है? जानें मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के विचार और भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत है।
  • कृषि, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र में सुधार हो रहा है।
  • बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।
  • भारत की युवा जनसंख्या आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • भारत का पूंजी बाजार अब मल्टी-ट्रिलियन डॉलर ग्रोथ फेज में है।

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच, भारत ने एक मजबूत और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने शनिवार को बीएसई के एक कार्यक्रम में कहा कि भारत करीब 6.5 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ रेट, बेहतर वित्तीय स्थिति, मजबूत घरेलू मांग और लगातार हो रहे संरचनात्मक सुधारों के आधार पर आगे बढ़ रहा है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के कार्यक्रम में नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था लंबी अवधि में टिकाऊ विकास के लिए अच्छी स्थिति में है। तकनीक का बढ़ता उपयोग, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास और भारत की युवा आबादी, देश की आर्थिक गति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर, बीएसई इंडिया के एमडी और सीईओ सुंदरारामन राममूर्ति ने भी भारत की आर्थिक मजबूती और पूंजी बाजार की ताकत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक और दूरदर्शी फैसलों से देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत हुई है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। पूंजी बाजार लंबे समय तक संपत्ति बनाने का एक मजबूत माध्यम बना हुआ है, जिसमें नियामक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राममूर्ति ने आगे कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ रहा है, गहरे सुधार, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और तकनीक देश की समावेशी और टिकाऊ विकास यात्रा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीएसई टिकाऊ और नवाचार आधारित पूंजी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने भी पूंजी बाजार पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारत अब मल्टी-ट्रिलियन डॉलर ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुका है, जहां अर्थव्यवस्था और शेयर मार्केट दोनों अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़ने वाले हैं। बढ़ती घरेलू बचत, निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और मजबूत बाजार संस्थानों के चलते भारत दुनिया के सबसे मजबूत और अवसरों से भरपूर पूंजी बाजारों में शामिल हो रहा है।

रामदेव अग्रवाल ने निवेशकों को सलाह दी कि आने वाला दशक उन लोगों का होगा जो अनुशासन के साथ निवेश करेंगे और देश की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनेंगे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सरकार के सकारात्मक निर्णय और निवेशकों का विश्वास इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह समय है जब हमें भारत की आर्थिक संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत की वर्तमान अर्थव्यवस्था की स्थिति क्या है?
भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मज़बूत बनी हुई है और इसकी ग्रोथ रेट लगभग 6.5 प्रतिशत है।
क्या भारत की युवा जनसंख्या अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है?
हाँ, भारत की युवा जनसंख्या आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
कैसे भारत के बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है?
भारत में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, जो देश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
क्या पूंजी बाजार में निवेश करने का सही समय है?
जी हाँ, भारत का पूंजी बाजार अब मल्टी-ट्रिलियन डॉलर ग्रोथ फेज में पहुंच चुका है, जो निवेशकों के लिए अवसरों से भरा है।
कैसे भारत 'विकसित भारत' की ओर बढ़ रहा है?
भारत में गहरे सुधार, घरेलू निवेशकों की भागीदारी और तकनीक, इसे 'विकसित भारत' की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
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