क्या एनडीए नेताओं ने दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 8.2 फीसदी रहने का श्रेय पीएम मोदी के नेतृत्व को दिया?
सारांश
Key Takeaways
- भारत की जीडीपी 8.2% पर पहुँची है।
- पीएम मोदी के नेतृत्व को श्रेय दिया गया है।
- अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए नीतिगत निर्णय महत्वपूर्ण हैं।
- वैश्विक अस्थिरता के बावजूद विकास जारी है।
- आर्थिक चुनौतियों को अवसरों में बदलना संभव है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक अस्थिरता और अमेरिकी टैरिफ के बीच, वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया।
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। मैं पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां वैश्विक स्तर पर मंदी का सामना किया जा रहा है, वहीं भारत का विकास तेजी से हो रहा है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से हर दिशा में विकास हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और आगे भी निरंतर बढ़ रही है। इसके लिए मैं पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। हमारी सुशासन की सरकार ने विकास से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक को संभाला है। पीएम मोदी और एनडीए सरकार की यही विशेषता है।"
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस उपलब्धि को पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "जब अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तो कांग्रेस ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। राहुल गांधी ने भी इसे डूबती हुई अर्थव्यवस्था बताया था। लेकिन हमारे देश ने यह साबित कर दिया कि हम सभी विषम परिस्थितियों और संघर्षों के बावजूद 8.2 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहे हैं, जो किसी अन्य देश की तुलना में अधिक है। हमें पूर्ण विश्वास है कि इस वर्ष का समग्र आंकड़ा 7 प्रतिशत से अधिक रहेगा। भारत ने दिखा दिया है कि चाहे जितना भी प्रतिबंध लगाया जाए, हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर रह सकती है।"
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "यह भारत की अद्वितीय उपलब्धि है। ट्रंप टैरिफ का जो डर था, जिसके कारण दुनिया की अधिकांश एजेंसियां भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर मान रही थीं, लेकिन ऐसे अच्छे ग्रोथ रेट की किसी ने अपेक्षा नहीं की थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में जो नीतिगत निर्णय और सुधार किए गए हैं, उनके कारण हमारी अर्थव्यवस्था एक नई ऊंचाई पर पहुंची है। यदि यह गति बनी रही, तो हम चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं और दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ सकते हैं।"