क्या भारत को अमेरिका पर काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए? : सुरेंद्र राजपूत

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क्या भारत को अमेरिका पर काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए? : सुरेंद्र राजपूत

सारांश

क्या भारत को अमेरिका पर काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए? सुरेंद्र राजपूत ने केंद्र सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की है। जानिए इस पर उनकी क्या राय है।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार को अमेरिका के टैरिफ का जवाब देना चाहिए।
  • भारत को काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए।
  • भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं।

लखनऊ, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता सुरेंद्र राजपूत ने बुधवार को अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अमेरिका की ओर से लगातार भारत पर टैरिफ लगाया जा रहा है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि केंद्र सरकार क्या कर रही है। यदि अमेरिका भारत पर टैरिफ लगा रहा है, तो केंद्र सरकार को भी इसका जवाब देते हुए काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल हमारी छोटी-मोटी वस्तुओं पर ही टैरिफ लगा रहा है। भारत को भी उन पर टैरिफ लगाना चाहिए। भारत की ओर से काउंटर टैरिफ निश्चित रूप से अमेरिका को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा। अमेरिका के द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण हमारी छोटी-मोटी वस्तुएँ प्रभावित होंगी, लेकिन उनकी कई वस्तुएँ भी प्रभावित होंगी। केंद्र सरकार को तुरंत अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। यदि हमारे व्यापारियों की स्थिति बिगड़ रही है, तो अमेरिका के व्यापारियों को भी उतनी ही परेशानी में डालना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका पर कई देशों ने काउंटर टैरिफ लगाया है, लेकिन यह दुखद है कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई काउंटर टैरिफ नहीं लगाया गया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि भारत की विदेश नीति और अर्थनीति कमजोर हो चुकी है। सरकार को तुरंत कुछ कदम उठाने चाहिए।

इसके अलावा, सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को सुरेंद्र राजपूत ने राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी इंडिया ब्लॉक से बाहर हो गई, तब जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पार्टी के नेताओं के खिलाफ रुक गई। अब जब आम आदमी पार्टी ने वोट चोरी के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक का साथ देने का निर्णय लिया, तो भाजपा को मिर्ची लग गई और इसके बाद ईडी ने कार्रवाई की। ऐसा लगता है कि इस प्रकार की कार्रवाई को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह पूरी तरह से गलत और राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब जिन-जिन विपक्षी पार्टियों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनमें से किस नेता का क्या हुआ? लेकिन अफसोस, आज की तारीख में ईडी के पास इसका कोई जवाब नहीं है। जो भी नेता भाजपा में शामिल हुआ, उसके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई, जबकि जो विपक्ष में रहे, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रही।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से अखंड भारत की बात कही जाने पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि हमारे देश में दलितों के साथ भेदभाव क्यों होता है? किसी मुस्लिम को गाय के नाम पर क्यों मारा जाता है? ऐसी स्थिति एक सभ्य समाज में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। जबसे भाजपा की सरकार बनी है, तबसे हिंदू-मुस्लिम के बीच वैमनस्यता बढ़ गई है। देश में अशांति का माहौल है और इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। पहले इस अशांति को समाप्त करना होगा, तभी जाकर ये लोग इस तरह की बातें कहने के हकदार बनेंगे।

साथ ही, उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास खुद को बताने में बड़ा क्रूर होता है। इसका आत्मचिंतन आरएसएस प्रमुख को करना चाहिए। भाजपा की विचारधारा समाज को बांटने की है। हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत पैदा करने का कार्य चल रहा है, और वर्तमान समय में भाजपा भी यही कर रही है।

Point of View

जो दर्शाती है कि उन्हें लगता है कि वर्तमान सरकार को अमेरिका के व्यापारिक रवैये के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यह वक्त की मांग है कि भारत अपनी व्यापारिक नीतियों को मजबूत करे।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सुरेंद्र राजपूत ने अमेरिका के टैरिफ पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए।
क्या भारत को अमेरिका के खिलाफ काउंटर टैरिफ लगाना चाहिए?
हां, सुरेंद्र राजपूत के अनुसार, यदि अमेरिका टैरिफ लगा रहा है, तो भारत को भी इसके खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए।
भाजपा पर सुरेंद्र राजपूत ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के कारण हिंदू-मुस्लिम के बीच वैमनस्यता बढ़ गई है और यह अशांति का माहौल बना रही है।