क्या भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति बन सकती है? कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव
सारांश
Key Takeaways
- टीएस सिंहदेव ने भविष्य में बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति बनने की संभावना से इनकार किया।
- उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि इसके कई मोर्चों पर अच्छे प्रदर्शन की कमी है।
- नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के प्रयासों को सतत होना चाहिए।
रायपुर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने रविवार को कहा कि भविष्य में क्या होगा, इस पर कहना कठिन है, लेकिन वे भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति का निर्माण होते नहीं देख रहे हैं। उनका कहना था कि जब अति होती है, तभी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।
रायपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, कांग्रेस नेता ने बांग्लादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ चुनाव की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक राजनीतिक दल लगातार चुनाव जीत रहा है जबकि अन्य दलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल में भी इसी तरह की समस्याएँ सामने आ रही थीं। नीतियाँ और व्यवस्थाएँ इस प्रकार की बन रही थीं कि जिससे नागरिक असंतुष्ट हो गए थे। जब रोष इतनी बड़ी संख्या में जमा हो जाता है, तो उसकी अभिव्यक्ति युवाओं के माध्यम से होती है।
कांग्रेस नेता ने वर्तमान केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार कई मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।
वाराणसी में मंदिरों पर चल रही कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एक्स पोस्ट 'भाजपा के हर झूठ की एक दवाई, पकड़ जाओ तो कहो ये है एआई' पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि शंकराचार्य ने तब रुष्ट हुए थे जब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कई छोटे मंदिरों को नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव का डेटा देखें, पीएम मोदी की जीत का अंतर भी कम हुआ था।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सरकार की डेडलाइन पर उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा होना चाहिए। इसके लिए सतत प्रयास चलते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को समाप्त करने की डेडलाइन तय की है। वे मानते हैं कि नक्सलवाद एक हिंसक स्वरूप है, जिसकी सभ्य समाज में कोई जरूरत नहीं है।