क्या न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का एयरपोर्ट की तरह पुनर्विकास किया जा रहा है?

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क्या न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का एयरपोर्ट की तरह पुनर्विकास किया जा रहा है?

सारांश

जलपाईगुड़ी, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का एयरपोर्ट की तर्ज पर पुनर्विकास हो रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जानें इस महत्वाकांक्षी परियोजना के बारे में।

Key Takeaways

  • न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जा रहा है।
  • इसकी अनुमानित लागत ₹334 करोड़ है।
  • कार्य को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
  • यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए अलग डिपार्चर और अराइवल बिल्डिंग्स बनाई जा रही हैं।
  • यह परियोजना उत्तर-पूर्वी राज्यों की कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।

जलपाईगुड़ी, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पुनर्निर्माण परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम को समय पर पूरा किया जाए।

यह रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जो क्षेत्र का पहला ऐसा स्टेशन होगा, जहां आगमन और प्रस्थान के लिए पूरी तरह से अलग-अलग व्यवस्थाएं होंगी। इससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और भीड़-भाड़ कम होगी।

न्यू जलपाईगुड़ी के एडीआरएम अजय सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि स्टेशन को आधुनिक एयरपोर्ट जैसा रूप दिया जा रहा है। इसमें एक अलग डिपार्चर बिल्डिंग और दो अलग अराइवल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। डिपार्चर बिल्डिंग को एक एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों की पहुँच आसान होगी। साथ ही, दो नए प्लेटफॉर्म भी बनाए जा रहे हैं। इस पुनर्विकास से विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों को बंगाल और भारत के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। भविष्य में इस स्टेशन से अधिक ट्रेनों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹334 करोड़ है और इसे फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पोडियम और अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री के निर्देशों के अनुसार काम तेजी से चल रहा है और एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह परियोजना उत्तर-पूर्व को पूरे भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण है, इसलिए रेलवे इसे समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक विश्व-स्तरीय स्टेशन बनकर यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।

पश्चिम बंगाल में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कुल 101 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी (एनजीपी) विश्व-स्तरीय स्टेशन बनने की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां दो नए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, जिससे स्टेशन की क्षमता में वृद्धि होगी। पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर बहुत सारी खाली जगह उपलब्ध होगी, जिसमें भविष्य में आईटी हब, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स या अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास न केवल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना उत्तर-पूर्व में कनेक्टिविटी को बढ़ाने में सहायक होगी, जो कि देश के विकास के लिए आवश्यक है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कब तक पूरा होगा?
इसका पुनर्विकास कार्य फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹334 करोड़ है।
यह स्टेशन किस तरह का होगा?
यह स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग डिपार्चर और अराइवल बिल्डिंग्स होंगी।
इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना और उत्तर-पूर्वी राज्यों की कनेक्टिविटी में सुधार करना है।
क्या यह परियोजना अन्य स्टेशनों पर भी लागू होगी?
हाँ, पश्चिम बंगाल में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 101 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
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