बिहार: एआईएमआईएम ने राजद उम्मीदवार के लिए किया समर्थन का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- एआईएमआईएम ने राजद उम्मीदवार का समर्थन किया है।
- राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं।
- महागठबंधन के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
- दूसरे दलों के साथ बैठकें जारी हैं।
- पांचवी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला कड़ा है।
पटना, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान सोमवार को आयोजित होने जा रहा है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के बीच राजनैतिक हलचलों में तेजी आई है।
सीटों की संख्या को लेकर चल रहे अटकलों के बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने अपना रुख स्पष्ट किया है।
पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने बताया कि एआईएमआईएम के सभी पांच विधायक राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करेंगे।
यह ऐलान पटना में एआईएमआईएम द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी के बाद किया गया, जिसमें विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए थे।
इस कार्यक्रम के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष ने एआईएमआईएम का समर्थन मांगा था और चुनाव परिणामों को लेकर आश्वस्त हैं।
तेजस्वी ने कहा, "हमें एआईएमआईएम की ओर से इफ्तार पार्टी का निमंत्रण मिला था और हमने उसमें भाग लिया। हमने राज्यसभा चुनावों के लिए उनका समर्थन मांगा है। मुझे विश्वास है कि हम एकजुट होकर भाजपा को हराएंगे।"
अख्तरुल इमान ने भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कोई जटिल रणनीति का मामला नहीं है। हमारे सभी पांच विधायकों ने राजद उम्मीदवार एडी सिंह का समर्थन करने का फैसला किया है।
हालांकि, उन्होंने मीडिया के इस सवाल का जवाब देने से परहेज किया कि क्या इस समर्थन के साथ कोई शर्तें जुड़ी हैं।
जब तेजस्वी यादव इफ्तार पार्टी में पहुंचे, तो अख्तरुल इमान ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और गले लगाया।
राजनीतिक हलकों में इस क्षण को आगामी राज्यसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन के लिए एआईएमआईएम के समर्थन के संकेत के रूप में देखा गया।
मतदान से पहले, विभिन्न राजनीतिक दलों के भीतर कई बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें एआईएमआईएम के सभी विधायक उपस्थित थे, जिससे विपक्षी उम्मीदवार को समर्थन देने के पार्टी के निर्णय को बल मिला। पांचवी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला कड़ा माना जा रहा है।
राजनीतिक अनुमानों के अनुसार, एआईएमआईएम के पांच विधायकों का समर्थन महागठबंधन के वोटों की संख्या को लगभग 40 तक पहुंचा सकता है।
अंतिम परिणाम बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के एक विधायक के वोट पर निर्भर हो सकता है, जिनकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।