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राजद की बैठक में एआईएमआईएम को नहीं बुलाया गया, अख्तरुल ईमान का बयान

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राजद की बैठक में एआईएमआईएम को नहीं बुलाया गया, अख्तरुल ईमान का बयान

सारांश

बिहार में राज्यसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हैं, लेकिन एआईएमआईएम को राजद की बैठक में शामिल नहीं किया गया है। अख्तरुल ईमान ने कहा है कि उनकी जरुरत नहीं होगी जब तक तेजस्वी यादव को उनकी आवश्यकता नहीं होती।

मुख्य बातें

राजद की बैठक में एआईएमआईएम को आमंत्रित नहीं किया गया।
अख्तरुल ईमान ने कहा कि राजद को उनकी आवश्यकता नहीं है।
राज्यसभा चुनाव में समर्थन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
महागठबंधन को जीत के लिए अन्य विधायकों की आवश्यकता है।
एआईएमआईएम का दरवाजा हमेशा खुला है।

पटना, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए छह प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसके चलते मतदान होना तय है। इसी बीच, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को महागठबंधन के नेताओं की बैठक बुलाई है, लेकिन एआईएमआईएम के प्रतिनिधियों को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया है।

इस संदर्भ में, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि राजद को हमारी आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में समर्थन के बारे में कहा कि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जब तेजस्वी यादव को हमारी आवश्यकता होगी, तब हम यह तय करेंगे कि हमें जाना है या नहीं।

तेजस्वी यादव के साथ पहले की मुलाकात पर उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि हम उनका समर्थन करें, जबकि हमारी ख्वाहिश थी कि वे हमारे उम्मीदवार का समर्थन करें, क्योंकि उच्च सदन में हमारा कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।

समर्थन देने को लेकर पूछे गए सवाल पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि निर्णय मौसम के अनुसार लिया जाएगा। अगर बारिश हुई तो छाता लेकर निकल जाऊंगा। उन्होंने राजद को सलाह देते हुए कहा कि यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है। जो सक्षम हैं, उन्हें सोचना नहीं पड़ेगा।

राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम के विधायकों की अहमियत पर उन्होंने कहा कि जब हम महत्वपूर्ण होंगे, तब ही कुछ होगा। दोनों गठबंधनों की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया है। हम प्रत्याशी बनाना चाहते थे, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा, "हमारा दिल और दरवाजा हमेशा खुला रहता है। हम समाजवादी विचारधारा के लोग हैं।"

बिहार में एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में पांच, जबकि राजद ने एक प्रत्याशी उतारे हैं। बिहार के राज्यसभा सदस्य जिनका कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। वर्तमान में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जिससे वह आसानी से चार सीटें जीत सकता है। हालांकि, पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की आवश्यकता होगी।

विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए अन्य विधायकों की आवश्यकता पड़ेगी। यदि बसपा के एक विधायक और एआईएमआईएम के पांच विधायकों का समर्थन मिल जाए, तो यह संख्या 41 तक पहुंच सकती है, जो जीत के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि इस चुनाव में एआईएमआईएम की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अंततः यह चुनाव की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद की बैठक में एआईएमआईएम को क्यों नहीं बुलाया गया?
अख्तरुल ईमान का कहना है कि राजद को उनकी आवश्यकता नहीं है, इसलिए उन्हें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया।
राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम की भूमिका क्या होगी?
अख्तरुल ईमान ने कहा कि उनकी भूमिका तब महत्वपूर्ण होगी जब उन्हें आवश्यक समझा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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