बिहार: तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम की इफ्तार पार्टी में भाग लिया, अख्तरुल ईमान ने महागठबंधन का समर्थन किया
सारांश
Key Takeaways
- राजद और एआईएमआईएम के बीच समर्थन का समझौता।
- राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों गठबंधनों में सक्रियता।
- बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या और चुनावी रणनीतियाँ।
पटना, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले मतदान को लेकर गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। दोनों गठबंधनों में आपसी चर्चा और बैठकों का सिलसिला जारी है।
इस क्रम में, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव रविवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रोजेदार भी उपस्थित रहे।
इफ्तार पार्टी के बाद, तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में हमें पूरा विश्वास है कि सभी धर्मनिरपेक्ष दल एकजुट होकर इस लड़ाई में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अख्तरुल ईमान की इफ्तार पार्टी में शामिल होने का उद्देश्य एआईएमआईएम से समर्थन प्राप्त करना है। हम सब मिलकर भाजपा को पराजित करेंगे।
दूसरी ओर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर कोई विशेष रणनीति नहीं है। विधायक को वोट देना है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हमारे सभी पांच विधायक राजद और महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने का निर्णय लिया है।
वास्तव में, बिहार से इस बार राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं और इन पर चुनाव होने जा रहा है। एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में पांच और राजद ने एक उम्मीदवार उतारा है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। वर्तमान में एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जिससे वह आसानी से चार सीटें जीत सकता है। चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उन्हें अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
विपक्ष में राजद की अगुवाई वाला महागठबंधन है, जिसके पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की आवश्यकता होगी। एआईएमआईएम के पास पांच और बसपा के पास एक विधायक है।