क्या वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत में यात्री वाहनों की बिक्री 10 लाख यूनिट के पार पहुंची?

सारांश
Key Takeaways
- भारत में यात्री वाहनों की बिक्री ने एक नया मील का पत्थर पार किया है।
- महाराष्ट्र ने बिक्री में प्रमुख भूमिका निभाई है।
- दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है।
- आगामी जीएसटी सुधारों से ये वाहन और अधिक किफायती हो सकते हैं।
- कमर्शियल वाहन बिक्री में भी वृद्धि देखी गई है।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल से जून की अवधि में भारत में 10 लाख से अधिक यात्री वाहन बेचे गए। इस बिक्री में महाराष्ट्र ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
इस अवधि के दौरान, देश में कुल 10.12 लाख यात्री वाहन बेचे गए, जिसमें पश्चिमी क्षेत्र ने 3.21 लाख यूनिट की बिक्री के साथ सबसे आगे रहा।
सियाम द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही में महाराष्ट्र में 1.19 लाख यूनिट की बिक्री हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा का स्थान रहा।
उद्योग ने बताया कि इस दौरान दोपहिया वाहनों के खंड में 46.75 लाख यूनिट की बिक्री हुई, जिसमें पश्चिमी राज्यों ने 14.19 लाख यूनिट की बिक्री की।
उत्तर प्रदेश ने दोपहिया वाहनों की बिक्री में 8.18 लाख यूनिट के साथ पहले स्थान पर रहा, इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार और मध्य प्रदेश का स्थान रहा।
कमर्शियल वाहन सेगमेंट में, महाराष्ट्र ने 32,000 यूनिट के साथ अग्रणी भूमिका निभाई। इस दौरान कुल 2.23 लाख कमर्शियल वाहन बेचे गए।
सियाम के अनुसार, तिपहिया वाहनों की बिक्री 1.65 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जिसमें उत्तर प्रदेश ने 21,000 यूनिट के साथ सबसे आगे स्थान बनाया। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना का स्थान रहा।
जुलाई 2025 में कंपनियों द्वारा डीलरों को भेजे गए यात्री वाहनों की संख्या 3,40,772 यूनिट रह गई, जो पिछले वर्ष 3,41,510 यूनिट थी।
आगामी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के अंतर्गत, केंद्र द्वारा प्रवेश स्तर के यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों पर कर को 18 प्रतिशत करने की संभावना है, जिससे ये वाहन दिवाली से पहले और भी किफायती हो जाएंगे।
वर्तमान में, कंब्यूशन इंजन से चलने वाले सभी यात्री वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, इसके साथ ही इंजन की क्षमता, लंबाई और बॉडी के प्रकार के आधार पर 1 प्रतिशत से 22 प्रतिशत तक का क्षतिपूर्ति उपकर भी लागू होता है।