क्या भारतीय सेना को मिलेंगे फायर फाइटिंग रोबोट, जोखिमपूर्ण मिशन में उपयोगी?
सारांश
Key Takeaways
- फायर फाइटिंग रोबोट अग्निशामक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- इनका उपयोग खतरनाक परिस्थितियों में किया जाएगा।
- यह कदम आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- स्वदेशी तकनीक का विकास हो रहा है।
- रक्षा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना लगातार आधुनिक तकनीक को अपनाने में अग्रसर है। अब इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सेना अग्निशामक कार्यों में तकनीक का उपयोग करेगी और रोबोटरोबोटों को फायर फाइटिंग रोबोट के नाम से जाना जाता है और ये अग्निशामक कार्यों में अत्यधिक कुशल हैं।
वास्तव में, यह फायर फाइटिंग रोबोट एक कॉम्पैक्ट, बहुउपयोगी और मानव रहित ग्राउंड व्हीकल है। इसे अत्यधिक जोखिमपूर्ण और खतरनाक अग्निशामक परिस्थितियों में संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ऐसी परिस्थितियों में सफलतापूर्वक काम करता है, जहां मानव हस्तक्षेप जोखिमपूर्ण होता है। यह रोबोट सुरक्षित दूरी से अग्निशामक कार्यों को अंजाम देने में सक्षम है। इससे आपातकालीन और संकटपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सेना के अग्निशामक कर्मियों की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
भारतीय सेना ने इन्वोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडेक्स) के अंतर्गत फायर फाइटिंग रोबोट की महत्वपूर्ण खरीद के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। सेना का कहना है कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। भारतीय सेना के मुताबिक, फायर फाइटिंग रोबोट की खरीद के लिए यह अनुबंध स्वदेशी कंपनी एम्प्रेसा प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया है।
यह फायर फाइटिंग रोबोट विशेष रूप से इन्वोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस ढांचे के तहत भारतीय बलों के लिए विकसित किया गया था। सक्षम प्रावधानों का उपयोग करते हुए, भारतीय सेना ने इसे पहली बार अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने का निर्णय लिया है। यह खरीद सिंगल स्टेज कॉम्पोजिट ट्रायल के आधार पर की गई है। यह प्रक्रिया रक्षा सेवाओं के बीच आपसी सहयोग, संयुक्तता और तकनीकी एकीकरण को सशक्त बनाती है।
सेना का मानना है कि यह पहल रक्षा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती प्रदान करती है। डिफेन्स इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन के अंतर्गत संचालित इन्वोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस, सशस्त्र बलों और स्टार्ट-अप्स व नवोन्मेषकों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। रक्षा स्टार्ट-अप समुदाय में इसे व्यापक स्वीकृति मिली है।
भारतीय सेना अपने पहले से वितरित इन्वोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस प्रोजेक्ट्स के स्पाइरल डेवलपमेंट पर कार्य कर रही है। फिलहाल लगभग 22 इन्वोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस परियोजनाएं प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद परीक्षण चरण की ओर अग्रसर हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फायर फाइटिंग रोबोट को लेकर किया गया यह अनुबंध न केवल स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है, बल्कि भविष्य के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक और नवाचार-आधारित भारतीय सेना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।