क्या सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया?

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क्या सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया?

सारांश

क्या हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीयूष गोयल से सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग की? जानें, सेब उत्पादन के पीक सीजन में बागवानों के हितों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में।

Key Takeaways

  • सेब आयात पर प्रतिबंध का आग्रह
  • बागवानों की आजीविका की रक्षा
  • केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील
  • सेब उत्पादन का 80% योगदान
  • आयात शुल्क 100% करने की मांग

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सायं नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की और सेब उत्पादन के पीक सीजन (जुलाई से नवंबर) के दौरान सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने का जोरदार अनुरोध किया।

उन्होंने सेब पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मांग की ताकि विदेशी सेब के आयात से राज्य के बागवानों को कोई हानि न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 2.5 लाख किसान सेब उत्पादन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के कुल फल उत्पादन में सेब का योगदान लगभग 80 प्रतिशत है। सेब उत्पादन से हर साल लगभग 4500 करोड़ रुपये की आय होती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा हेतु केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रदेश के बागवानों ने उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं, जिन्हें उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी रखा और बागवानों के हित में शीघ्र उचित कार्रवाई की अपील की।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को सेब पर आयात शुल्क कम किए जाने से बागवानों को हो रही हानि के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में सेब आयात में लगभग ढाई गुणा वृद्धि हुई है और मुक्त व्यापार समझौतों के कारण इसमें और वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने जानकारी दी कि न्यूजीलैंड से सेब का आयात अधिकतर अप्रैल से अगस्त के बीच होता है और इस दौरान आयात शुल्क 25 प्रतिशत है, जबकि अन्य महीनों में यह 50 प्रतिशत रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों से न केवल सेब सीजन के दौरान बागवान प्रभावित होंगे, बल्कि राज्य में कोल्ड स्टोरेज में रखे सेबों की कीमतों और ऑफ-सीजन कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से मुलाकात कर प्रदेश के सेब उत्पादकों के हितों का मुद्दा मजबूती से उठाया। सेब उत्पादन के पीक सीजन (जुलाई–नवंबर) के दौरान सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने और अन्य महीनों में आयात शुल्क 100 प्रतिशत करने की मांग की। प्रदेश के लगभग 2.5 लाख बागवानों की आजीविका से जुड़ा यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। सेब राज्य के कुल फल उत्पादन का 80 प्रतिशत है और इससे हर साल लगभग 4500 करोड़ रुपये की आय होती है। बागवानों के हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

Point of View

बल्कि यह किसानों की आजीविका को भी सुरक्षित रखता है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

सेब आयात पर प्रतिबंध क्यों आवश्यक है?
सेब आयात पर प्रतिबंध से स्थानीय बागवानों को सुरक्षा मिलेगी और उनकी आय में सुधार होगा।
सेब उत्पादन में हिमाचल प्रदेश का योगदान क्या है?
हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन राज्य के कुल फल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत है।
कितने किसान सेब उत्पादन से जुड़े हैं?
लगभग 2.5 लाख किसान हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन से जुड़े हुए हैं।
सेब आयात शुल्क क्या है?
वर्तमान में सेब आयात पर शुल्क 25 प्रतिशत है, जबकि अन्य महीनों में यह 50 प्रतिशत है।
किसी भी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार से क्या आग्रह किया गया है?
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बागवानों के हितों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
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