भूमि पेडनेकर: ओटीटी पर अभिनेत्रियों के लिए बेहतर किरदार, मेन स्ट्रीम सिनेमा में बदलाव की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव हो रहा है।
- भूमि पेडनेकर ने ओटीटी पर अभिनेत्रियों के लिए बेहतर किरदारों की बात की।
- मानव विज ने अपनी फिल्म 'मां जाए' की विशेष स्क्रीनिंग की।
- महिलाओं के लिए मेन स्ट्रीम सिनेमा में संभावनाएँ बढ़ाने की आवश्यकता है।
- अच्छा सिनेमा प्रेरणा का स्रोत होता है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जिससे मायानगरी के सिनेमा का सपना अब यहाँ भी साकार होगा। 31 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में कई सितारे शामिल हो रहे हैं। सोमवार को 'टॉयलेट: एक प्रेमकथा' और 'दम लगाके हईशा' जैसी चर्चित फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाने वालीं भूमि पेडनेकर और अभिनेता मानव विज ने इस समारोह में भाग लिया।
भूमि पेडनेकर ने कहा कि पहली बार इस महोत्सव का हिस्सा बनकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। दिल्ली को इस फिल्म फेस्टिवल की बहुत आवश्यकता है, और इस समारोह के आयोजकों की मेहनत ने कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान किया है। मैं खुद मुंबई से हूँ, लेकिन मेरा दिल हमेशा दिल्ली के लिए धड़कता है।
अभिनेत्री ने ओटीटी और सिनेमा में हो रहे बदलावों पर कहा कि ओटीटी पर मिलने वाले एक्सपेरिमेंटल किरदार लेखकों की सोच के कारण हैं। हमें केवल सही किरदार चुनना होता है, जबकि मेन स्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं को उतने अच्छे और विविध किरदार नहीं मिलते, जितने ओटीटी पर उपलब्ध हैं। लेकिन उन्होंने आशा जताई कि जल्द ही मेन स्ट्रीम सिनेमा में भी यह बदलाव आएगा।
पंजाबी अभिनेता मानव विज ने भी महोत्सव में हिस्सा लिया और अपनी फिल्म 'मां जाए' की विशेष स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनके लिए बहुत खास है और किरदार को जीवंत करने के लिए उन्होंने अपनी पूरी मेहनत लगा दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन था कि फिल्म अच्छी होगी, लेकिन उसे इतना सम्मान मिलने की उम्मीद नहीं थी।
मानव विज ने इस महोत्सव को आवश्यक बताते हुए कहा कि अच्छा सिनेमा इसी प्रकार के महोत्सवों की वजह से सामने आता है, जो दूसरों को भी प्रेरित करता है। हमें किसी चीज को बेहतर बनाने के लिए एक उचित मंच की जरूरत होती है।