क्या भुवनेश्वर नगर निगम में हुई हिंसा के लिए भाजपा ने अपने सदस्यों को सस्पेंड किया?

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क्या भुवनेश्वर नगर निगम में हुई हिंसा के लिए भाजपा ने अपने सदस्यों को सस्पेंड किया?

सारांश

भुवनेश्वर नगर निगम में हुई हिंसक घटना के कारण भाजपा ने अपने पांच सदस्यों को निलंबित कर दिया है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, और ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

भाजपा ने पांच सदस्यों को निलंबित किया है।
ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल है।

भुवनेश्वर, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के कार्यालय में सोमवार को हुई हिंसक घटना के संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पांच प्रमुख सदस्यों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने हिंसा में शामिल होने के आरोपों के आधार पर नगरसेवक अपरूप नारायण राऊत, रश्मि रंजन महापात्रा, देबाशीष प्रधान, सचिकान्त स्वैन, और संजीव मिश्रा को निलंबित करने की घोषणा की है। इसकी पुष्टि खुद भाजपा की मीडिया सेल ने की है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा का यह कदम बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू को सोमवार को कथित तौर पर उनके कार्यालय से खींचे जाने और उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमला किए जाने के बाद आया है।

ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार को ओडिशा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (ओएएस) के वरिष्ठ अधिकारी पर कथित हमले के विरोध में अपने सदस्यों से मंगलवार से 'सामूहिक अवकाश' पर जाने का आह्वान किया था।

हालांकि, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आश्वासन देने के बाद एसोसिएशन ने अपने 'सामूहिक अवकाश' वाले धरना प्रदर्शन को रोकने का निर्णय लिया है। वहीं, सीएम मोहन चरण माझी ने कहा कि कथित हमले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद अधिकारियों ने तुरंत काम करना बंद कर दिया था और धरने पर बैठ गए थे। ऐसे में अब इन कर्मचारियों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और बीएमसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच में लगी है, ताकि आगे की कार्रवाई जल्द की जा सके। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो चुका है। लोग वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ओडिशा की प्रशासनिक व्यवस्था की चुनौतियों को भी सामने लाती है। निलंबन का यह कदम अनुशासन का एक संकेत है, लेकिन क्या यह स्थिति को सुधारने में मदद करेगा? यह सवाल अब भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर नगर निगम में क्या हुआ था?
सोमवार को भुवनेश्वर नगर निगम के कार्यालय में हिंसक घटना हुई थी जिसमें भाजपा के पांच सदस्यों को निलंबित किया गया।
भाजपा ने क्यों अपने सदस्यों को निलंबित किया?
भाजपा ने हिंसा में शामिल होने के आरोपों के आधार पर अपने सदस्यों को निलंबित किया।
ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने क्या किया?
ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने कथित हमले के विरोध में सामूहिक अवकाश का आह्वान किया था।
इस घटना का क्या असर होगा?
इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और भाजपा के भीतर अनुशासन पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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