बिहार चुनाव: पहले चरण में 60.18% वोटिंग, क्या बेगूसराय ने टॉप किया?

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बिहार चुनाव: पहले चरण में 60.18% वोटिंग, क्या बेगूसराय ने टॉप किया?

सारांश

बिहार चुनाव के पहले चरण में 60.18% मतदान हुआ। बेगूसराय ने टॉप किया, जबकि शेखपुरा सबसे पीछे रहा। मतदान के दौरान कुछ छिटपुट हिंसा की घटनाएं भी हुईं। जानें क्या है इस चुनाव में महत्वपूर्ण।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 60.18% मतदान हुआ।
बेगूसराय ने सर्वाधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया।
महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हुई है।
छिटपुट हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।
चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं।

नई दिल्ली, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को अनुमानित 60.18 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान का आधिकारिक समय शाम 5 बजे समाप्त हुआ।

हालांकि, जो मतदाता निर्धारित समय से पहले कतार में थे, उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई।

गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रतीक्षा करती नजर आईं। हाल के दिनों में, बिहार ने पुरुषों की तुलना में महिलाओं के मतदान में अधिक भागीदारी दर्ज की है।

सर्वाधिक मतदान प्रतिशत वाले जिलों में बेगूसराय (67.32 प्रतिशत), समस्तीपुर (66.65), मधेपुरा (65.74) और मुजफ्फरपुर (65.23 प्रतिशत) शामिल हैं।

वहीं, शेखपुरा में कम मतदान हुआ, जहां 52.36 प्रतिशत मतदान हुआ; भोजपुर में 53.24 प्रतिशत और पटना में 55.02 प्रतिशत मतदान होने का अनुमान है। अंतिम आंकड़े आने के बाद यह संख्या बढ़ने की संभावना है।

मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा की भी घटनाएं सामने आईं, जिनमें लखीसराय में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हमला और छपरा में कथित तौर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वाहन पर हमले की जानकारी मिली।

छपरा से प्राप्त खबरों के अनुसार, मांझी सीट से प्रत्याशी सत्येंद्र यादव के वाहन पर गुरुवार दोपहर हमला किया गया। इसी तरह, लखीसराय में भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई।

चुनाव आयोग ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है और बिहार के पुलिस महानिदेशक से जांच करने का आग्रह किया है।

उप-मुख्यमंत्री सिन्हा 2010 से लखीसराय विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। फरवरी 2005 में भी उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन खंडित जनादेश के कारण उसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर में फिर से चुनाव हुए।

बिहार में, मुकाबला मुख्य रूप से जनता दल-यूनाइटेड के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और राजद के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच है। इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) की मौजूदगी कई सीटों पर विघ्न डाल सकती है।

महागठबंधन ने प्रशासन पर मतदान धीमा करने के इरादे से महागठबंधन के मजबूत बूथों पर जानबूझकर बिजली कटौती करने का आरोप लगाया है।

पहले चरण के उम्मीदवारों में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, भाजपा के उम्मीदवार सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा (दोनों वर्तमान उपमुख्यमंत्री) शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं दूसरी तरफ हिंसा की घटनाएं चुनाव प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाती हैं। यह चुनाव न केवल स्थानीय मुद्दों को उजागर करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके प्रभाव होंगे।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव का पहला चरण कब हुआ?
बिहार चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को हुआ।
बेगूसराय का मतदान प्रतिशत क्या था?
बेगूसराय में 67.32 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं?
हां, मतदान के दौरान लखीसराय और छपरा में छिटपुट हिंसा की घटनाएं हुईं।
चुनाव आयोग ने हिंसा पर क्या कदम उठाया?
चुनाव आयोग ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
बिहार में कौन-कौन सी पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं?
बिहार में मुख्य रूप से जनता दल-यूनाइटेड और राजद के बीच मुकाबला है।
राष्ट्र प्रेस
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