बिहार में जदयू विधायक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी, जमीन कब्जे का मामला
सारांश
Key Takeaways
- जदयू विधायक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी की।
- ज़मीन कब्जाने के आरोप में गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
- पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तिवारी ने अभियान का नेतृत्व किया।
- भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
- विधायक और उनके भाई अभी भी फरार हैं।
गोपालगंज, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने की गतिविधियों के बीच, सत्ताधारी जदयू के विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
पुलिस लगातार विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और एक करीबी सहयोगी की खोज में दबिश दे रही है। इस अभियान का नेतृत्व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तिवारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने विधायक के पैतृक गांव तुलसिया में बड़ी संख्या में छापेमारी की है। छापेमारी की सूचना मिलने के बाद विधायक और उनके भाई भूमिगत हो गए हैं। यह मामला ज़मीन से संबंधित है। गोपालगंज पुलिस ने कुचायकोट के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के अनुसार, दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया है। कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में भू-माफियाओं द्वारा ज़मीन कब्जाने और उन्हें संरक्षण देने के आरोप में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ज़मीन कब्जाने के आरोप में मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव के निवासी जितेंद्र कुमार राय ने एक अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई। इस मामले में ज़मीन कब्जाने के लिए फायरिंग करने का आरोप भी है। पुलिस ने इस केस में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसमें भू-माफिया भोला पांडेय भी शामिल था। विधायक और उनके भाई को इस मामले में साजिशकर्ता के रूप में अभियुक्त बनाया गया है।