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बिहार: सीमावर्ती जिलों में 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' की प्रगति, गायब बॉर्डर पिलरों का सर्वेक्षण

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बिहार: सीमावर्ती जिलों में 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' की प्रगति, गायब बॉर्डर पिलरों का सर्वेक्षण

सारांश

बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और विकास कार्यों में तेजी आई है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमाओं का प्रबंधन बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है।

मुख्य बातें

सीमा प्रबंधन के कार्यों में तेजी आई है।
नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
जाली मुद्रा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत विकास कार्य चल रहे हैं।

पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के सीमावर्ती जिलों में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन, सुरक्षा और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके अंतर्गत सीमा स्तंभों (बॉर्डर पिलर) की देखभाल और सत्यापन के लिए आधुनिक तकनीक और संयुक्त सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, पूर्वी चम्पारण के 1,237 और मधुबनी के 358 स्तंभों की नियमित निगरानी की जा रही है, जबकि किशनगंज और सीतामढ़ी में क्षतिग्रस्त या गायब स्तंभों की मरम्मत के लिए फील्ड सर्वे टीम सक्रिय है। सुपौल जिले में सभी क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। बिहार के सीमावर्ती जिलों पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, किशनगंज, सुपौल और अररिया के जिला प्रशासन ने गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और विकास कार्यों की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण प्रगति रिपोर्ट साझा की।

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बताया गया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से 'नो मैन्स लैंड' और अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। मधुबनी में पहचान की गई सभी 186 अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है, जबकि किशनगंज में पिछले एक महीने में सभी 34 चिन्हित अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। पश्चिमी चम्पारण में भी 272 में से 261 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, और शेष के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

अपराध नियंत्रण और जाली मुद्रा के खिलाफ चलाए गए अभियान में पूर्वी चम्पारण में हाल ही में 18,500 भारतीय और 25 लाख नेपाली जाली नोटों के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सीतामढ़ी में 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फर्जी पहचान पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए मधुबनी और अररिया में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।

सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसके तहत उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका जैसे देशों के नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। बैठक में बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत सैकड़ों गांवों का चयन किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम क्या है?
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास और स्थानीय निवासियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करना है।
बॉर्डर पिलर की मरम्मत क्यों जरूरी है?
बॉर्डर पिलर की मरम्मत से सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और अवैध अतिक्रमण को रोका जा सकता है।
क्या अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कोई अभियान चलाया जा रहा है?
हाँ, अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए 'नो मैन्स लैंड' के आसपास अभियान चलाया जा रहा है।
सीमा पर जाली मुद्रा के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जाली मुद्रा के खिलाफ विभिन्न अभियानों के तहत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बड़े पैमाने पर जाली नोट बरामद किए गए हैं।
इस कार्यक्रम के तहत कितने गांवों का चयन किया गया है?
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत सैकड़ों गांवों का चयन किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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