क्या बिहार में एसआईआर प्रक्रिया अंतिम चरण में है?

सारांश
Key Takeaways
- 98.2 प्रतिशत मतदाताओं ने दस्तावेज जमा किए हैं।
- दस्तावेज जमा करने की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक है।
- अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होगी।
- आयोग 25 सितंबर तक दावों का निपटारा करेगा।
- बिहार में एसआईआर प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। दावे, आपत्तियां और दस्तावेज जमा करने की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक चल रही है, जिसमें अभी 8 दिन शेष हैं। रविवार को आयोग ने जानकारी दी कि बिहार की एसआईआर निर्धारित समय पर प्रगति कर रही है। सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 25 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अब तक 98.2 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं। आयोग ने बिहार में एसआईआर प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारियों, बीएलओ और लाखों स्वयंसेवकों की सराहना की है।
आयोग के अनुसार, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अलावा इस प्रक्रिया में 38 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 243 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,976 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 90,712 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), लाखों स्वयंसेवकों और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी रही है।
चुनाव आयोग का कहना है कि दावे और आपत्तियों की अवधि मतदाताओं को यह अवसर प्रदान करती है कि वे प्रारूप निर्वाचक नामावली में त्रुटियां सुधार सकें और वे जरूरी दस्तावेज जमा करें, जो नामांकन फॉर्म भरते समय नहीं दिए गए थे। बिहार के सीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 98.2 प्रतिशत मतदाताओं के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं।
आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 24 जून से 24 अगस्त के बीच महज 60 दिनों में औसतन प्रति दिन 1.64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने दस्तावेज जमा किए। अभी भी 8 दिन शेष हैं और सिर्फ 1.8 प्रतिशत मतदाताओं के दस्तावेज जमा होने बाकी हैं। आयोग ने उम्मीद जताई कि बीएलओ और स्वयंसेवकों की मदद से बाकी मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी कार्य भी निर्धारित समय से पहले पूरे हो जाएंगे।
24 जून के एसआईआर के आदेशों के अनुरूप, संबंधित 243 ईआरओ और 2,976 एईआरओ की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन भी एक साथ किया जा रहा है।
विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग को मसौदा सूची में शामिल 7.24 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 0.16 प्रतिशत दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बिहार के 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से 10 दावे और आपत्तियां, जबकि अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मतदाताओं की 1,21,143 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। निर्वाचन क्षेत्र के बाहर के किसी व्यक्ति की ओर से कोई दावा नहीं पेश नहीं किया गया है।
3,28,847 नए मतदाता, जिन्होंने 1 जुलाई को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त कर ली है या 1 अक्टूबर को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त कर लेंगे, उन्होंने भी अपना फॉर्म 6 और घोषणा पत्र जमा कर दिया है।
बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर के जरिए मतदाता सूची को ठीक करने की दिशा में कदम उठाए। 24 जून से 25 जुलाई तक गहन नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की।