बिहार: विश्वविद्यालय छात्रावास में छिपकर कर रहे थे कारतूस की तस्करी, दो लोग गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने छात्रावास में कारतूसों की तस्करी का पर्दाफाश किया।
- 200 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
- दो तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं।
- विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण है।
- पुलिस आगे की जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में जहां छात्र ज्ञान प्राप्त करने के लिए आते हैं, वहीं रविवार को पुलिस ने छात्रावास में कारतूसों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है।
काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए 200 सक्रिय कारतूसों के साथ दो तस्करों को पकड़ा। पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार तस्करों की पहचान सिवान के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के अनमोल कुमार के रूप में हुई है।
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कान्तेश कुमार मिश्रा ने रविवार को जानकारी दी कि दोनों तस्कर अपनी बाइक पर कारतूसों की एक बड़ी खेप लेकर छात्रावास लौट रहे थे। इसी दौरान काजी मोहम्मदपुर थाना की पुलिस ने कलमबाग चौक के पास उन्हें घेराबंदी करके पकड़ लिया।
पुलिस जांच में यह पता चला कि ये दोनों विश्वविद्यालय के छात्रावास में निवास करते हैं। उनकी निशानदेही पर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित पीजी हॉस्टल के कमरा संख्या-54 से एक पिस्टल का होल्स्टर और एक मैगजीन भी बरामद की गई है। इस मामले में काजी मोहम्मदपुर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अभिषेक तिवारी के खिलाफ पहले से ही मनीयारी थाना में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। पुलिस अब पकड़े गए बदमाशों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन कारतूसों की आपूर्ति कहां की जानी थी और इन्हें कहां से लाया गया था।
हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना भी सामने आई थी, जिसकी जांच चल रही है। विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कुलपति के कुछ निर्णयों के विरोध में छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर हैं।