धर्मेंद्र प्रधान: बिहार का विकास अब होगा नई दिशा में
सारांश
Key Takeaways
- सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला।
- धर्मेंद्र प्रधान ने नई सरकार के विकास के प्रति आशा व्यक्त की।
- नई नीतियां किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता देंगी।
- राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है।
- नीतीश कुमार का इस्तीफा और नई सरकार का गठन एक नया अध्याय है।
नई दिल्ली, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी को बधाई दी है। उन्होंने राज्य के उपमुख्यमंत्रियों बिजेंद्र यादव और विजय कुमार सिन्हा को भी शुभकामनाएं दीं।
अपने संदेश में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सुशासन, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार राज्य में विकास की गति को तेज करेगी और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने किसानों की समृद्धि, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित बिहार का सपना अब और अधिक प्रभावी तरीके से साकार होगा। नई सरकार की नीतियां बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि बिहार का विकास देश की प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए राज्य सरकार की जनहितकारी और समावेशी नीतियां न केवल बिहार को आगे बढ़ाएंगी, बल्कि राष्ट्रीय निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
ज्ञात हो कि लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पिछले शुक्रवार को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ दिलाई।
नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद अब बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत हुई है। दरअसल, नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद के सदस्य थे, लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने ३० मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार मार्च में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे। वे लगभग दो दशकों तक बिहार में सत्ता के केंद्र में रहे।
इसके अलावा, वे जनता दल यूनाइटेड के मुखिया भी हैं। राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के साथ ही नीतीश कुमार ने १० अप्रैल से अपनी नई राजनीतिक यात्रा आरंभ की है। नीतीश ने दिल्ली से लौटने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य की नई सरकार का गठन किया गया।