27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने धनखड़ के इस्तीफे को राजनीति से प्रेरित बताया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने धनखड़ के इस्तीफे को राजनीति से प्रेरित बताया?

सारांश

बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा के दबाव का परिणाम है। इस घटनाक्रम ने लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।

मुख्य बातें

भृगु बक्सीपात्रा का बयान उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर इस्तीफे को राजनीति से प्रेरित कहा गया कुछ सांसदों ने धनखड़ को निष्पक्ष भाजपा पर दबाव का आरोप लोकतंत्र की स्वतंत्रता पर सवाल

भुवनेश्वर, 22 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ बीजू जनता दल (बीजद) नेता भृगु बक्सीपात्रा ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर आश्चर्य और चिंता व्यक्त की है और इसे अप्रत्याशित तथा राजनीति से प्रेरित बताया है।

बक्सीपात्रा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह से आश्चर्यजनक है। जगदीप धनखड़ अपने इस्तीफे के दिन शाम 7:30 बजे तक संसदीय मामलों में सक्रिय रूप से शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार, वह आगामी कार्य मंत्रणा समिति की बैठक और यहां तक कि विधि एवं न्याय विभाग से संबंधित निर्णयों पर भी चर्चा कर रहे थे। फिर, अचानक सोशल मीडिया पर खबर आई कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है।

आधिकारिक कारण पर सवाल उठाते हुए, बक्सीपात्रा ने कहा कि वह बिल्कुल ठीक लग रहे थे, और उनके सार्वजनिक रूप से सक्रिय होने से कभी भी किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत नहीं मिला। इसलिए, स्वाभाविक रूप से यह स्वास्थ्य के कारण सीधे तौर पर दिया गया इस्तीफा नहीं लगता, यह एक राजनीतिक मजबूरी लगती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दबाव ने धनखड़ के इस फैसले को प्रभावित किया होगा। जब वह सदन की जिम्मेदारियों को कुशलता से संभाल रहे थे, तो कोई अपना कार्यकाल समाप्त होने से दो साल पहले इस्तीफा क्यों देगा? कई सांसद उन्हें एक निष्पक्ष और विवेकपूर्ण अध्यक्ष मानते थे। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप की बू आती है।

बक्सीपात्रा ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। कल ही एक राज्य के राज्यपाल ने एक कैबिनेट मंत्री से मुलाकात की थी, और बैठक के बाद मंत्री ने दावा किया कि यह विभागीय प्रगति की समीक्षा थी। राज्यपाल मंत्रियों की समीक्षा कब से करने लगे? यह स्पष्ट रूप से संवैधानिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाएं चाहे वह उपराष्ट्रपति का इस्तीफा हो या राज्यपालों का मंत्रियों से सीधे संवाद, एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाती हैं। बक्सीपात्रा ने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं हैं। संवैधानिक संस्थाओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर किया जा रहा है। यह बेहद चिंताजनक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लोकतंत्र की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाता है। यह स्थिति न केवल राजनीतिक बल्कि संवैधानिक दृष्टि से भी चिंताजनक है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भृगु बक्सीपात्रा ने धनखड़ के इस्तीफे पर क्या कहा?
भृगु बक्सीपात्रा ने इसे राजनीति से प्रेरित और अप्रत्याशित बताया।
धनखड़ का इस्तीफा किन कारणों से दिया गया?
धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन बक्सीपात्रा ने इसे राजनीतिक मजबूरी बताया।
क्या यह इस्तीफा लोकतंत्र के लिए खतरा है?
बक्सीपात्रा ने चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले