भाजपा की यात्रा: त्याग और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी - नितिन नवीन
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की स्थापना: 1980 में जनता पार्टी से अलग होकर।
- कार्यकर्ताओं का योगदान: अनगिनत कार्यकर्ताओं का त्याग और समर्पण।
- प्रधान मंत्री का दृष्टिकोण: 'अंत्योदय' का साकार होना।
- राष्ट्र सर्वोपरि: भाजपा का मूल संकल्प।
- विकसित भारत: भाजपा का लक्ष्य।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से "राष्ट्र प्रथम" के संकल्प को दोहराने और "विकसित भारत" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने प्रयासों को एकजुट करने की अपील की।
भाजपा की स्थापना 1980 में जनता पार्टी से विभाजन के बाद हुई थी। इसकी जड़ें भारतीय जनसंघ में हैं, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। तब से यह भारत की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों में से एक के रूप में उभरी है, जिसका मुख्य ध्यान सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास पर है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के इस शुभ अवसर पर, मैं दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी का 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उत्थान) का दृष्टिकोण साकार हो रहा है।
उन्होंने कहा, "यह यात्रा जनसंघ के दौर से लेकर आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने तक का सफर अनगिनत कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या और समर्पण की गाथा है। 'अंत्योदय' का वह सपना जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संजोया था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है।"
उन्होंने कहा, "इस स्थापना दिवस पर आइए हम 'राष्ट्र सर्वोपरि' के अपने संकल्प को दोहराएं और अपनी पूरी ऊर्जा 'विकसित भारत' के निर्माण में समर्पित करें।"
इससे पहले दिन में, प्रधान मंत्री मोदी ने भी पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "पार्टी के स्थापना दिवस पर पूरे देश में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी पार्टी हमेशा 'इंडिया फर्स्ट' (भारत सबसे पहले) के सिद्धांत पर चलते हुए समाज की सेवा करती रही है। हमारे कार्यकर्ता अपनी निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरे जुनून के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है।"
उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिनके "समर्पण, बलिदान और दृढ़ता" ने दशकों से पार्टी के विकास को आकार दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो लोगों की भलाई को अपने दृष्टिकोण के केंद्र में रखती है। यह केंद्र और विभिन्न राज्यों में हमारे काम में भी झलकता है। भाजपा एक 'विकसित भारत' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।"