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क्या भाजपा ने एआईएडीएमके को पांच धड़ों में बांट दिया है?

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क्या भाजपा ने एआईएडीएमके को पांच धड़ों में बांट दिया है?

सारांश

तमिलनाडु में कांग्रेस विधायक ने नए कार्यालय का उद्घाटन किया। भाजपा और आरएसएस की राजनीति पर चर्चा करते हुए, सेल्वा पेरुंथगई ने चुनावी धोखाधड़ी के खिलाफ जनता से जागरूकता की अपील की। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे के कारण और प्रभाव।

मुख्य बातें

कांग्रेस पार्टी का नया कार्यालय उद्घाटन हुआ।
भाजपा की चुनावी धोखाधड़ी का आरोप।
अन्नाद्रमुक अब पांच धड़ों में बंट गई है।
राजनीतिक विभाजन का उद्देश्य वोटों का बंटवारा।
सेल्वा पेरुंथगई की अपील।

तिरुनेलवेली, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के नांगुनेरी निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस विधायक रूबी आर. मनोहरन द्वारा सोमवार को नांगुनेरी-कलाकाडु रोड पर एक नए कांग्रेस पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वा पेरुंथगई और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक गिरीश चोडानकर भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान, कार्यालय के अंदर एक पारंपरिक दीप जलाया गया। कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद सेल्वा पेरुंथगई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हर जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को के कामराज और गांधी जी के सिद्धांतों को आगे बढ़ाना चाहिए। हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध करते हैं कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा की 'वोट चोरी' का खुलासा करें।"

उन्होंने आगे कहा कि पूरे भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार में, राज्य स्तरीय दलों को विभाजित करना आरएसएस की विचारधारा रही है। तमिलनाडु में, अन्नाद्रमुक, जो पहले ही चार गुटों में बंट चुकी थी, अब सेंगोट्टैयन के नेतृत्व में पांचवें गुट में विभाजित हो गई है।

इसी प्रकार, पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) भी दो गुटों में विभाजित हो गई है। पिता और पुत्र के गुट में। इन विभाजनों के पीछे आरएसएस और भाजपा की रणनीतियां हैं, जिनका उद्देश्य वोटों का बंटवारा करके राजनीतिक लाभ हासिल करना है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा चुनाव आयोग की सहायता से तमिलनाडु में चुनावी धोखाधड़ी का प्रयास करती है तो उसे रोकने का प्रयास किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भाजपा की रणनीतियों का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है, जिसका सीधा प्रभाव लोकतंत्र पर पड़ता है। विभिन्न दलों के विभाजन से जनता की आवाज कमजोर होती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भाजपा ने एआईएडीएमके को विभाजित किया है?
हां, एआईएडीएमके अब पांच धड़ों में बंट चुकी है, जो भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सेल्वा पेरुंथगई ने क्या कहा?
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे भाजपा की 'वोट चोरी' का पर्दाफाश करें।
भाजपा की क्या रणनीति है?
भाजपा और आरएसएस का उद्देश्य वोटों का बंटवारा करके राजनीतिक लाभ हासिल करना है।
राष्ट्र प्रेस
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