क्या भाजपा ने झारखंड के 23 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की, सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की?

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क्या भाजपा ने झारखंड के 23 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की, सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की?

सारांश

झारखंड में भाजपा ने 23 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की है, जिसमें सामाजिक संतुलन और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है। यह चुनाव एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव का संकेत है, जो भाजपा की संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता है। जानें कौन से नेता बने नए जिलाध्यक्ष और उनके चुनाव की प्रक्रिया के बारे में।

Key Takeaways

  • भाजपा ने 23 जिलाध्यक्षों की घोषणा की है।
  • सामाजिक संतुलन और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।
  • चुनाव प्रदेश स्तर से नियुक्त अधिकारियों की देखरेख में हुए।
  • कुछ जिलाध्यक्ष पुनः निर्वाचित हुए हैं।
  • संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया जारी है।

रांची, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड के 23 सांगठनिक जिलों के नए जिलाध्यक्षों के नाम आज शुक्रवार को घोषित किए। प्रदेश चुनाव अधिकारी, भाजपा महामंत्री एवं सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने जानकारी दी कि विभिन्न जिलों में प्रदेश स्तर से नियुक्त चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की निगरानी में निर्वाचन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अन्य जिलों में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया जारी है, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी।

घोषित सूची के अनुसार, दुमका में रूपेश मंडल, पाकुड़ में सरिता मुर्मू, जामताड़ा में सुमित शरण, देवघर में सचिन रवानी, गोड्डा में लक्ष्मी चक्रवर्ती, और साहेबगंज में गौतम यादव को जिलाध्यक्ष के रूप में चुना गया है। मोहन कुंभकार को धनबाद ग्रामीण, श्रवण राय को धनबाद महानगर, रंजीत कुमार राय को गिरिडीह महानगर और महेंद्र वर्मा को गिरिडीह ग्रामीण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा, हजारीबाग में विवेकानंद सिंह, चतरा में रामदेव भोक्ता, रामगढ़ में संजीव कुमार, रांची महानगर में वरुण साहू, रांची पूर्वी में विनय महतो ‘धीरज’, और रांची पश्चिमी में नरेंद्र सिंह को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। सागर उरांव को गुमला, दीपक पुरी को सिमडेगा, अमित तिवारी को पलामू, बंशी यादव को लातेहार, गीता बालमुचू को चाईबासा, दीपक पासवान को चक्रधरपुर, और हरेकृष्ण प्रधान को सरायकेला-खरसावां का जिलाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में “संगठन पर्व” की शुरुआत हुई थी।

प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंडल और जिला स्तर पर चुनाव कराए गए। संगठन विस्तार के तहत रांची ग्रामीण को पूर्वी और पश्चिमी दो जिलों में विभाजित किया गया है, साथ ही चक्रधरपुर और गिरिडीह ग्रामीण को नए सांगठनिक जिले के रूप में स्थापित किया गया है। घोषित सूची में भाजपा ने सामाजिक संतुलन और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया है। 23 जिलाध्यक्षों में से तीन महिलाएं हैं। सामाजिक दृष्टि से चार जिलाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग से और एक अनुसूचित जाति वर्ग से हैं, जबकि शेष पदों पर पिछड़ा और सामान्य वर्ग के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।

दिलचस्प बात यह है कि आठ जिलाध्यक्ष ऐसे हैं जिन्हें पुनः निर्वाचित किया गया है। रांची महानगर अध्यक्ष की घोषणा के समय प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश भी मौजूद रहे। दुमका में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद, गिरिडीह में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार राय, और रामगढ़ में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद शामिल हुए।

Point of View

जिसमें उन्होंने सामाजिक संतुलन और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। यह कदम चुनावी रणनीति के तहत महत्वपूर्ण है और यह दर्शाता है कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा ने कितने जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की?
भाजपा ने झारखंड के 23 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की है।
जिलाध्यक्षों का चुनाव किसकी देखरेख में हुआ?
जिलाध्यक्षों का चुनाव प्रदेश स्तर से नियुक्त चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की देखरेख में हुआ।
क्या भाजपा ने महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दिया है?
हाँ, भाजपा ने 23 जिलाध्यक्षों में से तीन महिलाओं को शामिल किया है, जो महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।
भाजपा का 'संगठन पर्व' कब शुरू हुआ?
भाजपा का 'संगठन पर्व' विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद शुरू हुआ।
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