क्या भाजपा ने 'वीबी–जी राम जी' योजना पर देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया?
सारांश
Key Takeaways
- ग्रामीण रोजगार में वृद्धि
- 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी
- जल सुरक्षा पर ध्यान
- भ्रष्टाचार पर अंकुश
- विकसित भारत 2047 का हिस्सा
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल ही में पारित विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी राम जी) अधिनियम, 2025 के नियमों को ग्रामीण भारत में पहुँचाने और समझाने के लिए एक व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू किया है।
इस अभियान का नाम 'वीबी–जी राम जी जन जागरण अभियान' रखा गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में संचालित होगा।
यह निर्देश भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने रविवार को सभी स्तरों पर पार्टी संगठनों को एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से जारी किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, किसानों, कृषि मजदूरों और पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को योजना के लाभों को सरल भाषा में समझाना है, ताकि वे इसकी वास्तविकता को जान सकें।
'वीबी–जी राम जी' अधिनियम को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का एक परिवर्तनकारी विकल्प बताया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी रोजगार प्राप्त होगा, जबकि पहले यह 100 दिन था। योजना का फोकस अब केवल रोजगार पर नहीं, बल्कि टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल सुरक्षा, आजीविका सृजन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों पर है।
कार्यों को चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका संबंधित ढांचा और अत्यधिक मौसम घटनाओं से मुकाबला में सीमित किया गया है। भाजपा का दावा है कि यह अधिनियम 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करेगा।
इस अभियान में विपक्ष द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं का खंडन भी प्रमुखता से किया जाएगा, जिसमें योजना को किसान-विरोधी या गरीब-विरोधी बताने के आरोप शामिल हैं।
अभियान के तहत एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। 5-6 जनवरी को राज्य मुख्यालयों और 7-9 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा और जिला सम्मेलन, जिसमें सांसद, विधायक, पंचायत सदस्य और स्थानीय नेता शामिल होंगे।
इसके साथ ही गांव स्तर पर किसान-मजदूर चौपाल, घर-घर संपर्क, पदयात्रा, ट्रैक्टर रैलियों और बैलगाड़ी रैलियों का आयोजन होगा। साथ ही किसान संगठनों और मजदूर संघों के साथ समन्वय किया जाएगा। सोशल मीडिया, होर्डिंग्स, विज्ञापन और मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा।