क्या पीएम मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त किया? असम की प्रगति में उनका योगदान रहेगा यादगार

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क्या पीएम मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त किया? असम की प्रगति में उनका योगदान रहेगा यादगार

सारांश

भाजपा नेता कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया है। उनकी समाजसेवा और असम की प्रगति में योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। जानिए उनके जीवन और कार्यों के बारे में।

Key Takeaways

  • कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन 94 वर्ष की आयु में हुआ।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को याद किया।
  • उन्होंने असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
  • हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें एक मार्गदर्शक बताया।
  • उनकी समाजसेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रमुख नेता कबिंद्र पुरकायस्थ का सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में निधन हो गया। उनकी आयु 94 वर्ष थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर कहा कि समाजसेवा और असम की प्रगति में उनके योगदान को सदा याद किया जाएगा। उनके निधन से गहरा दुख हुआ है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कबिंद्र पुरकायस्थ के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन से गहरा दुख हुआ है। समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके योगदान को सदा याद रखा जाएगा। उन्होंने राज्य में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुखद समय में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वह एक प्रतिभाशाली विचारक और समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी और इसे असम में लोगों की पसंदीदा पार्टी बनाने में मदद की। सिलचर की गलियों से संसद के गलियारों तक, प्रचारक के दिनों से केंद्रीय मंत्री बनने तक, उन्होंने हमेशा लोगों और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने असम और उत्तर-पूर्व के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मंचों पर निरंतर काम किया।

सीएम ने आगे लिखा कि कार्यकर्ताओं के लिए वह केवल जनता के प्रतिनिधि ही नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, बड़े भाई और भरोसेमंद साथी भी थे। उन्होंने दिखाया कि राजनीति में मूल्य, सरलता, सेवा और एक-दूसरे की परवाह करना सबसे महत्वपूर्ण है। उनके जाने से एक ऐसी जगह खाली हो गई है, जिसे कोई नहीं भर सकता।

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर सोशल मीडिया पर लिखा कि वह भाजपा के सच्चे स्तंभ थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने और निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित किया। मेरे जैसे हजारों कार्यकर्ताओं के लिए उनकी यात्रा और मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे। वह साहस, भक्ति और मार्गदर्शन का स्रोत थे और मेरे लिए एक पिता समान थे।

उन्होंने आगे लिखा कि उनका निधन एक व्यक्तिगत नुकसान है और असम की राजनीति में एक ऐसा स्थान खाली छोड़ गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा।

Point of View

NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

कब कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन हुआ?
कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन 7 जनवरी को हुआ।
कबिंद्र पुरकायस्थ की उम्र क्या थी?
उनकी आयु 94 वर्ष थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कबिंद्र पुरकायस्थ के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कबिंद्र पुरकायस्थ एक प्रतिभाशाली विचारक और समर्पित कार्यकर्ता थे।
कबिंद्र पुरकायस्थ ने असम की राजनीति में क्या भूमिका निभाई?
उन्होंने भाजपा को असम में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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