आयुध पूजा से पहले तमिलनाडु में बस-हवाई किराए आसमान पर, चेन्नई-कोयंबटूर रूट पर ₹3,500 का टिकट ₹11,000 तक
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में आयुध पूजा (19 अक्टूबर) और विजयादशमी (20 अक्टूबर) की चार दिवसीय छुट्टियों से ठीक पहले चेन्नई से निकलने वाले यात्रियों को निजी बस और हवाई किराए में कई गुना बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के सभी आरक्षण पहले ही भर चुके हैं, जिसके चलते लाखों यात्री अब महँगे विकल्पों पर निर्भर हो गए हैं। यात्रियों की शिकायत है कि त्योहारी भीड़ का फ़ायदा उठाते हुए परिवहन सेवाओं ने किराए बेतहाशा बढ़ा दिए हैं।
चार दिन की छुट्टियाँ और यात्रा का उफान
17 और 18 अक्टूबर 2026 को वीकेंड है, उसके बाद 19 अक्टूबर को आयुध पूजा (नवरात्रि की महानवमी) और 20 अक्टूबर को विजयादशमी का सार्वजनिक अवकाश है। इस प्रकार लगातार चार दिन की छुट्टी बनने से तमिलनाडु में घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या असाधारण रूप से बढ़ गई है। रेलवे आरक्षण पहले ही फुल हो जाने के कारण बस और हवाई यात्रा ही एकमात्र विकल्प बचे हैं, और इसी का परिणाम किराए की इस अभूतपूर्व बढ़ोतरी में दिख रहा है।
बस किराए में भारी उछाल — रूटवार विवरण
यात्रियों के अनुसार, चेन्नई-कन्याकुमारी रूट पर जो टिकट सामान्यतः ₹800 से ₹1,200 में मिलते थे, अब उनकी कीमत ₹3,420 तक पहुँच गई है। चेन्नई-तिरुनेलवेली रूट पर किराया ₹1,300 से बढ़कर लगभग ₹3,000 हो गया है, जबकि चेन्नई-मदुरै का टिकट ₹800 से बढ़कर ₹2,500 तक पहुँच गया है।
चेन्नई-कोयंबटूर रूट पर सामान्य किराया ₹600 से ₹1,000 के बीच होता था, जो अब ₹3,500 तक जा पहुँचा है — यानी सामान्य से लगभग तीन से पाँच गुना अधिक। गौरतलब है कि यह वृद्धि तमिलनाडु के भीतर के छोटे रूटों पर भी देखी जा रही है। चेन्नई-तिरुचिरापल्ली टिकट जो आमतौर पर ₹2,300 से ₹3,500 में मिलते हैं, 16 और 17 अक्टूबर के लिए ₹6,500 से ₹9,500 में उपलब्ध हैं। चेन्नई-सलेम रूट पर भी किराया ₹1,900-₹3,800 से बढ़कर ₹5,600 से ₹12,000 के बीच हो गया है।
हवाई किराए में भी बेतहाशा वृद्धि
हवाई यात्रा के किराए भी इससे कहीं ज़्यादा उछले हैं। चेन्नई-मदुरै फ्लाइट जो 16 अक्टूबर के लिए ₹3,500 से ₹5,500 में उपलब्ध थी, 17 अक्टूबर के लिए उसकी कीमत ₹12,026 से ₹18,626 के बीच बताई जा रही है। चेन्नई-कोयंबटूर हवाई टिकट, जो सामान्यतः ₹3,500 से ₹4,500 में मिलते थे, 16 और 17 अक्टूबर के लिए लगभग ₹11,000 तक पहुँच गए हैं।
थूथुकुडी के टिकट जो आमतौर पर ₹4,000 से ₹5,500 में मिलते थे, अब ₹11,736 से ₹13,626 में मिल रहे हैं। यहाँ तक कि चेन्नई-कोलकाता का हवाई किराया, जो आमतौर पर ₹6,000 से ₹7,000 के बीच रहता था, अब बढ़कर ₹14,117 हो गया है।
यात्रियों पर आर्थिक बोझ
यह ऐसे समय में आया है जब मध्यमवर्गीय परिवार त्योहारी मौसम में पहले से ही कई खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। जिन यात्रियों ने समय रहते बुकिंग नहीं कराई, उन्हें आर्थिक दबाव के बावजूद इन बढ़े हुए किराए में यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कई परिवारों ने यात्रा की योजना ही स्थगित कर दी है या सरकारी परिवहन निगम की बसों के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची में नाम दर्ज करा लिए हैं।
आगे क्या उम्मीद है
यह स्थिति 20 अक्टूबर 2026 तक बनी रह सकती है जब तक छुट्टियाँ समाप्त नहीं हो जातीं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अस्थायी मूल्य वृद्धि त्योहारी मांग और सीमित आपूर्ति का स्वाभाविक परिणाम है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि इस पर नियामकीय निगरानी की आवश्यकता है। जो यात्री अभी तक बुकिंग नहीं करा पाए हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे सरकारी बस सेवाओं की उपलब्धता जाँचें या छुट्टियों के बाद यात्रा की योजना बनाएँ।