क्या सीसीटीवी संरक्षित रखने का निर्देश, ममता सरकार को दो हफ्तों में जवाब देना होगा?
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
- छापेमारी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है।
- मामला 3 फरवरी को फिर से सुनवाई के लिए पेश होगा।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के दफ्तर और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के निवास पर छापे से संबंधित ईडी मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि वे छापे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डीजीपी राजीव कुमार पर छापे के दौरान कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया है। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं आरोपी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने डीजीपी की उपस्थिति में व्यक्तिगत रूप से चोरी की, जबकि डीजीपी की भूमिका इसमें सहायक थी।
दलीलें सुनने के बाद जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई।
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ईडी की ओर से दायर याचिकाओं में गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मुद्दों को अनसुलझा रहने दिया जाता है, तो इससे एक या एक से अधिक राज्यों में 'अराजकता' की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे देखते हुए जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और अन्य को नोटिस जारी किया।
बेंच ने प्रतिवादियों को अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की। अपने अंतरिम आदेश में शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तक तलाशी वाले परिसरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्टोरेज डिवाइस को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल और सिंघवी की दलीलों को भी आदेश में दर्ज किया। सिब्बल और सिंघवी ने कहा कि ये याचिकाएं सुनवाई के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर ईडी की ओर से दखल देने का एक पैटर्न है, ठीक उसी समय जब चुनाव होने वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि जब मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है, तो इस दलील पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नई अर्जी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से जवाब मांगा है। ईडी ने नई अर्जी दाखिल कर डीजीपी राजीव कुमार समेत पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को निलंबित किए जाने की मांग की।