क्या यूपी में सीएम योगी की नीति से अन्नदाताओं की शक्ति बढ़ी है? 9 वर्षों में कृषि क्षेत्र में आई क्रांति
सारांश
Key Takeaways
- योगी आदित्यनाथ की नीतियों ने किसानों की स्थिति में सुधार किया है।
- कृषि क्षेत्र में विकास दर बढ़कर 14 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
- किसानों को अब कर्ज माफी और उचित मूल्य मिल रहा है।
लखनऊ, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 से पहले के खाद्यान्न संकट, कालाबाजारी और अराजकता से मुक्ति पाई है, और किसान अब समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर हो गए हैं। योगी मॉडल का प्रभाव है कि देश की कुल कृषि भूमि का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला उत्तर प्रदेश अब राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
2017 से पहले कृषि क्षेत्र में विकास दर एकल अंक में थी, लेकिन योगी सरकार के दौरान यह दर पिछले तीन वर्षों में 14 प्रतिशत से अधिक रही है। यूपी के किसान अब ‘खेत से खुशहाली’ की ओर बढ़ रहे हैं। डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश की खेती अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
सरकार की नीतियों ने इस तस्वीर को बदल दिया है, जिसमें किसान खुद को हाशिए पर महसूस करते थे। 2017 में सत्ता संभालने के तुरंत बाद योगी सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया और वैज्ञानिकों के माध्यम से ‘लैब से निकल कर लैंड’ तक पहुंच कर उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद स्थापित किया। अब खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि विकास का आधार बन गई है।
कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता और पारदर्शिता देने से यूपी की तस्वीर में बदलाव आया है। किसानों को अब कर्ज, सिंचाई और भुगतान की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि किसान केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस सोच के साथ कृषि क्षेत्र में अनेक सुधार शुरू हुए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शिता से फसल खरीद होने लगी, और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने लगा।
2017 के पहले, उत्तर प्रदेश में किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, लेकिन अब किसानों का सम्मान बढ़ा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में किसानों को सम्मान निधि मिल रही है, जिसमें यूपी ने अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त तक यूपी के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
सहकारिता के माध्यम से संचालित एलडीबी द्वारा किसानों को साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज पर लोन मिलता था, अब यह 6 प्रतिशत पर मिलेगा। लखनऊ में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क और अन्य स्थानों पर विशेष योजनाएं चिह्नित की गई हैं।
योगी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे गन्ना किसानों को 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य बढ़ाया गया है।