क्या चक्रवात ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भारतीय वायुसेना के माध्यम से कई देशों के नागरिकों को निकाला?
सारांश
Key Takeaways
- चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका में गंभीर तबाही मचाई।
- भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत राहत कार्य किया।
- 24 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल थे।
- तीन गंभीर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
- श्रीलंकाई सेना ने राहत कार्यों में सहयोग किया।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने विनाशकारी प्रभाव डाला है। ऐसे संकट के समय में, भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत, भारतीय वायुसेना ने विभिन्न देशों के नागरिकों को सुरक्षित निकाला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस ऑपरेशन के अंतर्गत आईएएफ के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया और यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों को निकाला है।
भारतीय वायुसेना ने एक हाइब्रिड बचाव ऑपरेशन चलाया, जिसमें हेलीकॉप्टरों ने एक प्रतिबंधित क्षेत्र से फंसे यात्रियों को निकाला। एक गरुड़ कमांडो को एक पूर्व-निर्धारित हेलीपैड तक समूह को ले जाने के लिए नीचे उतारा गया, जहां से 24 यात्रियों, जिनमें भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे, को कोलंबो पहुंचाया गया।
इसके अलावा, तीन गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए कोलंबो ले जाया गया। भारतीय वायुसेना ने बताया कि श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र में भूस्खलन और प्रतिकूल मौसम की स्थितियों के कारण यात्री फंस गए थे। इस संकट से निपटने के लिए एक हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन चलाया गया।
वायुसेना के अनुसार, सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से कोलंबो पहुंचाया गया है। इसके साथ ही, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को भी चिकित्सीय सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया। राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए, श्रीलंकाई सेना की 5 टीमें मौके पर तैनात थीं। 40 श्रीलंकाई सैनिकों को डायतालावा आर्मी कैंप से एयरलिफ्ट कर कोटमाले क्षेत्र में भेजा गया।