क्या योगी सरकार की नीतियों से खेती में सुधार आया है?
सारांश
Key Takeaways
- योगी सरकार की नीतियों से खेती में सुधार हुआ है।
- किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
- 4327 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद चल रही है।
- 2017 के बाद से किसानों ने नए आयाम प्राप्त किए हैं।
- कृषि क्षेत्र में तकनीकी उन्नति हो रही है।
लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही हैं। योगी सरकार ने किसानों की समृद्धि पर ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश की खेती में सुधार और किसानों की खुशहाली देखी गई। वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के किसानों ने सफलता के नए आयाम प्राप्त किए हैं।
डबल इंजन सरकार के एमएसपी का लाभ उठाते हुए, किसानों ने धान, गेहूं, श्रीअन्न आदि अपनी फसलों की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से अधिक लाभकारी ढंग से की है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश ने खाद्यान्न उत्पादन में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। योगी सरकार के प्रयासों और किसानों की मेहनत के माध्यम से, उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है।
धान खरीद सत्र 2025-26 के लिए 5,73,633 किसानों ने पंजीकरण कराया है। 4227 क्रय केंद्रों के माध्यम से धान की खरीद की जा रही है। इस दौरान, 1,51,077 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद भी की जा चुकी है। अब तक 4227 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
डबल इंजन सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में सुधार और समय पर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। सरकार ने फसल की उपज और उत्पादकता को बढ़ावा दिया है। इसके परिणामस्वरूप, कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिणाम देखने को मिले हैं। किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय उत्पादन में कृषि की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। गेहूं-चावल उत्पादन सहित अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 2001-02 से 2016-17 तक के समय में अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में औसतन 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2016-17 से 2024-25 तक की अवधि में औसतन 42.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार के साथ तकनीकी उन्नति, बेहतर प्रबंधन और सरकारी प्रयासों का परिणाम है। 2025-26 खरीफ और रबी सीजन में भी पिछली सरकारों की तुलना में अधिक प्रमाणिक बीजों का वितरण किया गया है। उप्र मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा दिया गया है। श्रीअन्न के मिनीकिट का वितरण भी किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों का वितरण कर किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है।