चेन्नई में IMD का रेड अलर्ट, 26 जिलों में भारी बारिश; स्कूल छुट्टी पर मंत्री राजमोहन का 'सही समय' पर फैसले का बयान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 अक्टूबर 2026 को चेन्नई के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। शहर और उसके आसपास के इलाकों में पहले से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, और उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय रहने के कारण तमिलनाडु में बारिश का यह दौर जारी रहने की आशंका है। इस बीच, शिक्षा मंत्री राजमोहन ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में छुट्टी देने का निर्णय 'सही समय' पर लिया जाएगा।
मौसम का ताज़ा हाल और अलर्ट
IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, चेन्नई के अलावा चेंगलपट्टू, तिरुवल्लुर, थेनी, कोयंबटूर और नीलगिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, तिरुचिरापल्ली, मदुरै और पुदुक्कोट्टई सहित राज्य के कुल 26 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, यह बारिश उत्तरी तटीय इलाकों से लेकर पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्रों तक व्यापक असर डाल सकती है।
शनिवार की बारिश से जलभराव, निकासी कार्य जारी
शनिवार, 17 अक्टूबर को चेन्नई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के चलते अनेक सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने स्टॉर्मवॉटर चैनलों और मोटर पंपों की मदद से जमा पानी निकालने का काम किया।
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर 2026 से तमिलनाडु में उत्तर-पूर्वी मानसून की आधिकारिक शुरुआत हो गई है, जो चेन्नई सहित तटीय जिलों में भारी बारिश का मुख्य कारण है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी अभी पूरी तरह नहीं हो पाई थी।
शिक्षा मंत्री का बयान — स्कूल छुट्टी पर अनिश्चितता
शिक्षा मंत्री राजमोहन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मौसम विज्ञान केंद्र और निजी मौसम पर्यवेक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर, हम सही समय आने पर तय करेंगे कि स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित की जाएँ या नहीं और स्थिति को कैसे संभाला जाए।'
मंत्री ने न तो घोषणा की संभावित तारीख बताई और न ही उन जिलों के नाम साझा किए, जहाँ छुट्टी घोषित की जा सकती है। उनके बयान से यह तो स्पष्ट है कि सरकार मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी का आकलन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी।
आम जनता पर असर
बाढ़ जैसे हालात और जलभराव से चेन्नई के नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हुई है। स्कूली बच्चों के अभिभावक प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा में हैं। यह पहली बार नहीं है जब उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान चेन्नई में ऐसे हालात उत्पन्न हुए हों — 2015 की भयावह बाढ़ के बाद से शहर में जल-निकासी बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने की कोशिशें जारी हैं।
क्या होगा आगे
IMD के अनुसार, बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जल-निकासी कार्य जारी है। स्कूलों में छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग का कोई भी आधिकारिक आदेश मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।