तमिलनाडु के थेनी, डिंडीगुल और मदुरै में भारी बारिश का अलर्ट, शुक्रवार को 7 जिलों में बढ़ेगा खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) को दक्षिणी तमिलनाडु के थेनी, डिंडीगुल और मदुरै जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। वायुमंडलीय गड़बड़ी के कारण पूरे दक्षिण तमिलनाडु में मौसम का मिजाज बदला हुआ है, और बारिश की गतिविधि में अगले 24 घंटों में और तेज़ी आने की संभावना है।
गुरुवार का मौसम पूर्वानुमान
विभाग के अनुसार, थेनी, डिंडीगुल और मदुरै जिलों में दिन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। तेज़ बारिश वाले इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
पश्चिमी घाट से सटे जिलों, उत्तरी तमिलनाडु और राज्य के दक्षिणी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर मध्यम वर्षा की संभावना है। चेन्नई में गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश की गतिविधि इलाके के हिसाब से भिन्न हो सकती है — कुछ मोहल्लों में थोड़ी देर की बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि नज़दीकी इलाके काफी हद तक शुष्क भी रह सकते हैं।
शुक्रवार को सात जिलों में अलर्ट
विभाग के अनुसार 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को दक्षिणी तमिलनाडु में बारिश की गतिविधि और बढ़ने का अनुमान है। सात जिलों — थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, तूतीकोरिन, रामनाथपुरम, पुदुक्कोट्टई और शिवगंगा — में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु के शेष हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।
उत्तर-पूर्वी मानसून और इसकी अहमियत
गौरतलब है कि तमिलनाडु इस समय उत्तर-पूर्वी मानसून के मौसम से गुज़र रहा है, जो राज्य की वार्षिक वर्षा का एक बड़ा हिस्सा प्रदान करता है — विशेष रूप से तटीय और दक्षिणी जिलों में। इस मौसम में होने वाली बारिश जलाशयों, सिंचाई टैंकों और भूजल संसाधनों को भरने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण तमिलनाडु के कई इलाकों में कृषि गतिविधियाँ चरम पर हैं और किसान रबी मौसम की तैयारी में जुटे हैं। उत्तर-पूर्वी मानसून की पर्याप्त वर्षा इन जिलों की जल सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
तेज़ बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। विभाग ने बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनज़र खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी है।
स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरते और आवश्यक राहत व्यवस्था पहले से तैयार रखे। मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ विभाग समय-समय पर अपडेट जारी करता रहेगा।