PM मोदी आज नीति आयोग के नए नेतृत्व से मिलेंगे, 'विकसित भारत @2047' और बजट प्राथमिकताओं पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) को नीति आयोग के नवनियुक्त नेतृत्व के साथ एक अहम बैठक करेंगे, जिसमें 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए नीतिगत प्राथमिकताओं और सरकार के रोडमैप पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। बैठक के दौरान 2027-28 के केंद्रीय बजट के लिए मुख्य प्राथमिकताएँ तय किए जाने की भी संभावना है।
बैठक में क्या होगा
बताया जा रहा है कि इस चर्चा में घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाना, रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास की गति बढ़ाना प्रमुख एजेंडा बिंदु होंगे। नीति आयोग के प्रत्येक सदस्य से प्रेजेंटेशन की उम्मीद है, जिसमें अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में प्रमुख कार्यों, नीतिगत पहलों और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों की रूपरेखा सामने रखी जाएगी।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सरकार 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में नीतिगत ढाँचे को और पुख़्ता करने में जुटी है।
कौन-कौन होगा शामिल
बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन और सदस्यगण — राजीव गौबा, आर. बालसुब्रमण्यम, जोरम अनिया, केवी राजू, एम. श्रीनिवास, गोवर्धन दास और अभय करंदीकर — के उपस्थित रहने की संभावना है। थिंक टैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस विचार-विमर्श में शामिल हो सकते हैं।
पिछली गवर्निंग काउंसिल बैठक का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले 11 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक में सभी 28 राज्यों और पाँच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक सम्मिलित हुए थे, साथ ही केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ नेतृत्व भी मौजूद थे।
उस बैठक में 'विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास' विषय केंद्र में रहा। चर्चा में मानव पूंजी को मज़बूत करना, कौशल विकास के ज़रिए भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करना, उत्पादक रोज़गार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सभी नागरिकों के लिए समानता व सम्मान सुनिश्चित करना शामिल था।
'विकसित भारत @2047' का लक्ष्य
विकसित भारत @2047 का उद्देश्य देश की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगाँठ तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। यह महत्वाकांक्षी विजन बुनियादी ढाँचे के विस्तार, औद्योगिक आत्मनिर्भरता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक कल्याण को एकसाथ साधने की कोशिश करता है।
आज की बैठक इस दिशा में नए नेतृत्व के साथ नीतिगत समन्वय स्थापित करने की कड़ी है। आने वाले महीनों में इन चर्चाओं से उभरने वाले बजट संकेत और नीतिगत दिशानिर्देश सरकार की अगली कार्ययोजना तय करेंगे।