छत्तीसगढ़: मनेंद्रगढ़-केल्हारी बस हादसे में 5 की मौत, 15 घायल; बस मालिक भी नहीं बचा
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में 22 अक्टूबर 2026 को एक भीषण सड़क दुर्घटना में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मनेंद्रगढ़ से केल्हारी जा रही यात्री बस पहाड़ हंसवाही के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जहाँ उस समय बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे।
हादसे का घटनाक्रम
मनेंद्रगढ़ पुलिस के अनुसार, यात्री बस केल्हारी थाना क्षेत्र में पहाड़ हंसवाही के समीप अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने पुष्टि की कि अब तक 5 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा।
इस दर्दनाक हादसे में बस मालिक की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। मनेंद्रगढ़ पुलिस ने बताया कि मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायलों का उपचार
दुर्घटना में घायल हुए लगभग 15 यात्रियों को तत्काल केल्हारी अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, कई घायल गंभीर चोटों से पीड़ित हैं और उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
देश में सड़क हादसों की बढ़ती श्रृंखला
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब देश के अन्य हिस्सों से भी सड़क दुर्घटनाओं की खबरें आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में गुरुवार सुबह 7:30 बजे गरनाई के निकट एक स्लीपर बस और एक टेंपो की टक्कर में चार महिला यात्री मामूली रूप से घायल हुईं। घायलों को उधमपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।
इससे एक दिन पूर्व, बुधवार को उधमपुर जिले की लट्टी-बसंतगढ़ तहसील में एक बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी थी। यह हादसा बुधवार सुबह 8 बजे गुल्ली गाला के पास हुआ, जिसमें 2 यात्रियों की मौत और 15 अन्य घायल हुए। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर 17 यात्रियों को बसंतगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। बाद में सभी घायलों को रामनगर अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ एक महिला और 6 वर्षीय बच्ची की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि भारत में सड़क दुर्घटनाएँ हर वर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। पहाड़ी और दूरदराज़ के इलाकों में यात्री बसें अक्सर ओवरलोड और खस्ताहाल सड़कों पर चलती हैं, जिससे हादसों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। एमसीबी जिले जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यात्री बसें आवागमन का प्राथमिक साधन हैं, जहाँ वैकल्पिक परिवहन की सुविधा सीमित है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
मनेंद्रगढ़ पुलिस ने हादसे की जाँच शुरू कर दी है। दुर्घटना के सटीक कारण — चाहे वह ओवरलोडिंग हो, चालक की लापरवाही हो या सड़क की खराब स्थिति — की अभी जाँच की जा रही है। मृतकों और घायलों की पूरी पहचान के लिए प्रक्रिया जारी है। आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।