चित्रदुर्ग में NH-48 पर बस-लॉरी टक्कर: ड्राइवर नागराज नाइक समेत 2 की मौत, 6 घायल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में 1 अक्टूबर 2026 की सुबह नेशनल हाईवे 48 पर एक भीषण सड़क हादसे में बस चालक नागराज नाइक सहित दो लोगों की मौत हो गई और 6 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। राजहंस परिवहन कंपनी की तेज़ रफ्तार बस ने उपाध्याय होटल के निकट यूरिया खाद से लदी एक लॉरी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
हादसे का घटनाक्रम
दावणगेरे से बेंगलुरु की ओर जा रही यूरिया लदी लॉरी NH-48 पर चित्रदुर्ग के बाहरी इलाके में थी, जब पीछे से आ रही राजहंस परिवहन की बस ने अत्यधिक गति के कारण उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने तेज़ रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का संभावित कारण माना है। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस का अगला ढाँचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
घटनास्थल पर पहुँचे स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और सिटी पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं और स्थानीय निवासियों की मदद से बस में फँसे घायलों को बाहर निकाला।
मृतक और घायलों की पहचान
हादसे में बस चला रहे चालक नागराज नाइक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। बस में सवार एक अन्य यात्री की भी मौके पर ही जान चली गई। घायलों की पहचान शोभा, विजयकुमार, महालिंगप्पा, जगदीश, सन्ना थिमप्पा अट्टाप्पा और प्रसन्ना के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि सभी घायल चित्रदुर्ग जिले के ही निवासी हैं। इन्हें तुरंत एंबुलेंस के ज़रिये चित्रदुर्ग सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और यातायात बाधा
पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के तुरंत बाद NH-48 पर यातायात कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो गया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग पुनः सुचारू कराया।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब NH-48 पर ओवरस्पीडिंग से जुड़ी दुर्घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाएँ एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। आँकड़ों के अनुसार, राज्य में हर वर्ष हज़ारों लोग सड़क हादसों में जान गँवाते हैं, जिनमें ओवरस्पीडिंग प्रमुख कारणों में से एक है। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी परिवहन वाहनों की गति नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और जाँच के निष्कर्ष सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।