चित्रकूट में प्रेम विवाद: घर में घुसकर फायरिंग, युवती की चाची और आरोपी युवक की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र के जोरवारा गाँव में 12 अक्टूबर 2026 को एक प्रेम प्रसंग से जुड़ी हिंसक घटना में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी श्यामधार मिश्रा उर्फ बबुआ ने दलित परिवार के घर में घुसकर कथित तौर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें युवती की चाची की मौत हो गई और चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में आरोपी युवक स्वयं भी खेत में घायल अवस्था में मिला और प्रयागराज रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई।
घटना का क्रम
पुलिस जाँच के अनुसार, जोरवारा गाँव निवासी श्यामधार मिश्रा उर्फ बबुआ का गाँव की ही एक दलित युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती एक दिन पहले घर से चली गई थी, जिसके बाद रात में तलाश के दौरान परिजनों ने उसे गाँव के पास खड़े एक ट्रक में आरोपी युवक के साथ पाया। परिजनों ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दोनों को मऊ थाने ले गई।
अगले दिन दलित परिवार ने मऊ थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें SC/ST एक्ट और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके कुछ समय बाद ही यह हिंसक घटना घटित हुई।
फायरिंग और हताहत
बताया जा रहा है कि दलित परिवार के सदस्य घर में बैठे थे, तभी कथित तौर पर श्यामधार मिश्रा वहाँ पहुँचा और ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दीं। गोली लगने से श्यामलाल और उनकी पत्नी दोनों घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। श्यामलाल की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रयागराज रेफर किया गया है।
घटना के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, तो वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक खेत में घायल अवस्था में मिला। उसके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, श्यामधार मिश्रा ने स्वयं को भी गोली मारी थी। गर्दन में गोली लगने से घायल युवक को मऊ सीएचसी से प्रयागराज रेफर किया गया, जहाँ रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में प्रेम प्रसंग और बदले की भावना से फायरिंग की आशंका सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रही है और घटना की सभी परिस्थितियों को खँगाला जा रहा है।
गौरतलब है कि दलित परिवार ने आरोपी के खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। स्थानीय महंत भरतदास का कहना है कि यह मामला एससी/एसटी वर्ग को लेकर है, और आरोपी युवक ने इसी मुकदमे से आहत होकर यह कदम उठाया।
समाज पर असर और आगे की स्थिति
इस घटना से जोरवारा गाँव और आसपास के क्षेत्रों में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने गाँव में बल तैनात कर दिया है और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। यह घटना उत्तर प्रदेश में अंतर-जातीय प्रेम प्रसंगों से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में गंभीर चिंता उत्पन्न करती है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के पास हथियार कहाँ से आया और वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।