क्या चुनाव के बाद ठाकरे भाइयों की एकता समाप्त हो गई? : प्रेम शुक्ल

Click to start listening
क्या चुनाव के बाद ठाकरे भाइयों की एकता समाप्त हो गई? : प्रेम शुक्ल

सारांश

क्या ठाकरे भाइयों के बीच चुनाव के बाद की एकता केवल दिखावा थी? भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने इस पर अपनी राय दी है, जिसमें उन्होंने मनसे के समर्थन और उद्धव ठाकरे गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए इस सियासी चर्चे में क्या छिपा है।

Key Takeaways

  • ठाकरे भाइयों की एकता चुनावों तक सीमित थी।
  • मनसे ने महायुति को समर्थन देने की घोषणा की।
  • राज ठाकरे का समर्थन एकनाथ शिंदे को है।
  • भाजपा ने नगर निगम चुनावों में जीत हासिल की।
  • सनातन मुद्दे पर प्रेम शुक्ल ने गंभीर आरोप लगाए।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनसे के समर्थन, उद्धव ठाकरे गुट पर आरोपों और शंकराचार्य मामले में अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पार्टी का पक्ष प्रस्तुत किया।

प्रेम शुक्ल ने कहा कि ठाकरे भाइयों के बीच जो एकता दिखाई दे रही थी, वह केवल चुनावों तक सीमित थी। चुनाव समाप्त होते ही वह एकता भी खत्म हो गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि डोंबिवली-कल्याण क्षेत्र में राज ठाकरे द्वारा 'असली शिवसेना' को मिले समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि ठाकरे विरासत के असली वारिस एकनाथ शिंदे हैं, और राज ठाकरे ने अब इस पर अपनी मुहर लगा दी है।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक पूर्व विधायक ने भी स्वीकार किया कि समर्थन राज ठाकरे से पूछकर दिया गया। प्रेम शुक्ल ने तंज करते हुए कहा कि यह सब पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि सभी के सामने हो रहा है, लेकिन उद्धव ठाकरे की पार्टी इसे देखने से इनकार कर रही है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में मेयर के लिए महायुति गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को चुनाव हुए और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए। भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन अधिकतर नगर पालिकाओं में विजयी रहा।

प्रेम शुक्ल ने शंकराचार्य और सनातन मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन की ध्वजवाहक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कभी निर्दोष कारसेवकों पर गोलियां चलाने के आदेश दिए थे, वही लोग आज सनातन की बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यही लोग स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़े नजर आते हैं और उनके साथ मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।

Point of View

NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या ठाकरे भाइयों के बीच की एकता चुनाव के बाद समाप्त हो गई?
हां, प्रेम शुक्ल के अनुसार, यह एकता केवल चुनावों तक सीमित थी।
राज ठाकरे ने किसको समर्थन दिया?
राज ठाकरे ने 'असली शिवसेना' को समर्थन दिया।
Nation Press