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क्या आंध्र प्रदेश की सीआईडी तिरुमाला परकामनी चोरी मामले की जांच कर रही है?

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क्या आंध्र प्रदेश की सीआईडी तिरुमाला परकामनी चोरी मामले की जांच कर रही है?

सारांश

आंध्र प्रदेश के सीआईडी ने तिरुमला में परकामनी चोरी मामले की जांच शुरू की है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की गई है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

सीआईडी ने तिरुमला में चोरी की जांच शुरू की है।
उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को समझा।
आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है।
टीटीडी के सदस्यों ने मामले में वीडियो जारी किया।
चोरी के मामले में पारदर्शिता की आवश्यकता है।

तिरुपति, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश का अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार को तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में परकामनी चोरी मामले की जांच को आरंभ कर दिया है।

सीआईडी के महानिदेशक रविशंकर अय्यनार के नेतृत्व में एक टीम ने 2023 से जुड़े इस मामले की जांच शुरू की है। टीम ने प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में स्थित परकामनी (सिक्के और नोट गिनने का केंद्र) का दौरा किया और तिरुमला वन टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से संबंधित रिकॉर्ड को जब्त कर लिया।

यह जांच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा लोक अदालत में परकामनी चोरी मामले को बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर अपने आदेशों का पालन न करने के लिए पुलिस विभाग और डीजीपी को फटकार लगाते हुए शुरू की गई।

यह चोरी मार्च 2023 में हुई थी। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एक कर्मचारी सी. रवि कुमार को परकामनी से 920 डॉलर चुराते हुए पकड़ा गया था। हाल ही में, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया कि चोरी के मामले में कोई जांच नहीं हुई है। टीटीडी के तत्कालीन शासी बोर्ड ने लोक अदालत में हुए समझौते के बाद मामले को बंद कर दिया था। याचिकाकर्ता ने मामले को बंद करने को चुनौती दी थी।

पिछले महीने, उच्च न्यायालय ने सीआईडी के महानिरीक्षक को मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड, लोक अदालत की कार्यवाही और टीटीडी बोर्ड द्वारा पारित प्रस्तावों का मसौदा जब्त करने और उन्हें एक सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

सीआईडी ने आदेश में संशोधन के लिए एक याचिका दायर की थी ताकि मामले के रिकॉर्ड जब्त करने के लिए एसपी या डीजी रैंक के अधिकारी को शामिल किया जा सके, क्योंकि सीआईडी में कोई आईजीपी रैंक का कैडर नहीं है।

सोमवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो न्यायमूर्ति गन्नमनेनी रामकृष्ण प्रसाद ने कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि जब आदेश 16 सितंबर को पारित हो गया था, तो सीआईडी ने संशोधन याचिका दायर करने के लिए 6 अक्टूबर तक इंतजार क्यों किया।

पिछले महीने, टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड के दो सदस्यों ने चोरी के मामले का एक वीडियो जारी किया था। टीटीडी बोर्ड के सदस्य और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता जी. भानुप्रकाश रेड्डी और टीटीडी के पदेन सदस्य सी. दिवाकर रेड्डी ने परकामनी में लगे निगरानी कैमरों से सीसीटीवी फुटेज जारी किए।

रवि कुमार ने कथित तौर पर 29 अप्रैल, 2023 को अपने अंडरवियर में नोट छिपाकर नोटों की हेराफेरी की थी। टीटीडी बोर्ड के सदस्यों ने आरोप लगाया कि वह 11,300 डॉलर चोरी करते हुए पकड़ा गया था, लेकिन एफआईआर में केवल 900 डॉलर की बरामदगी दिखाई गई थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले भी कई बार विदेशी मुद्रा नोटों की गड्डियां चुराकर 100 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और समाज में पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परकामनी चोरी कब हुई थी?
परकामनी चोरी मार्च 2023 में हुई थी।
सीआईडी ने कब जांच शुरू की?
सीआईडी ने 14 अक्टूबर 2023 को जांच शुरू की।
क्या उच्च न्यायालय ने मामले में कोई निर्देश दिए?
हां, उच्च न्यायालय ने सीआईडी को सभी रिकॉर्ड जब्त करने का निर्देश दिया।
क्या आरोपी पहले भी पकड़ा गया था?
हां, आरोपी को पहले भी विदेशी मुद्रा नोटों की चोरी के लिए पकड़ा गया था।
चोरी के मामले में कितनी राशि चुराई गई थी?
आरोपी ने 11,300 डॉलर चुराए थे, लेकिन एफआईआर में केवल 900 डॉलर की बरामदगी दिखाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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